Saturday, November 27, 2021

पत्रकार खगोशी के मंगेतर का जस्टिन बीबर के लिए ओपन लेटर कहा ताना’शाहों के लिए ना गाएं गाना

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जस्टिन बीबर एक बड़े पॉप स्टार है और उनके पूरी दुनिया में फैंस है जस्टिन दिसंबर के महीने में सऊदी अरब में शो करने वाले हैं. हालांकि ऐसा कभी नहीं हुआ है और उन्होंने शायद ही इसकी उम्मीद की होगी कि उन्हें खास तरह की अपीलों का सामना करना पड़ेगा. दरअसल जस्टिन से अपील की जा रही है कि वे सऊदी अरब में होने वाले शो को कैंसिल कर दें.

दरअसल अरब के दिवंगत पत्रकार खशोगी की मंगेतर ने जस्टिन बीबर से अपील की है कि वे सऊदी अरब में होने वाले शो को कैंसिल कर दें. दरअसल, साल 2018 में वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार और सऊदी अरब सरकार के आलोचक रहे जमाल खशोगी की इंस्ताुंबल स्थित सऊदी वाणिज्यिक दूतावास में ह’त्या कर दी गई थी और इस ह’त्या को लेकर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पर कई गंभीर आ’रोप लगे थे.

जमाल की मंगेतर हैटिस सेनगिज ने जस्टिन बीबर के लिए एक ओपन लेटर लिखा है और ये पत्र अमेरिका के मशहूर अखबार वॉशिंगटन पोस्ट में भी छपा है. हैटिस ने लिखा कि मैं जस्टिन बीबर से अपील करती हूं कि अपनी प्रस्तुति को रद्द करके दुनिया को एक शक्तिशाली संदेश दें कि आपके नाम और प्रतिभा का उपयोग ऐसे शासन की प्रतिष्ठा को बहाल करने के लिए नहीं किया जाएगा, जो अपने आलोचकों की ह’त्या कर देता हो.

इसके साथ ही उन्होंने ओपन लेटर में आगे लिखा था कि प्लीज आप जमाल के हत्या’रों के लिए गाना ना गाएं. आप इस मुद्दे पर बोलें और उनके हत्या’रों की आलोचना करें. आपकी आवाज को लाखों-करोड़ों लोग सुनेंगे और अगर आप सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का प्यादा बनने से इंकार करते हैं तो आपका मैसेज साफ होगा कि आप तानाशाहों के लिए परफॉर्म नहीं करते हैं और आपने पैसों के बजाए न्याय और आजादी को चुना है.

वहीं, इस मामले में कुछ मानवाधिकार संगठनों ने भी अपनी बात रखी है. इस शो में हिस्सा लेने वाले एसैप रॉकी, डेविड ग्वेटा, टिएस्टो और जेसन डेरुलो जैसे से अपील की गई है कि वे सऊदी अरब में मानवाधि’करों के हन’न को लेकर अपनी बात रखें और इसके साथ ही ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि सऊदी अरब का इतिहास रहा है कि वह मशहूर हस्तियों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के सहारे अपने सत्ता के दुरु’पयोग से ध्यान भटकाने की कोशिश करता है.

गौरतलब है कि जमाल का जन्म सऊदी अरब में हुआ था और इसके बाद वे अमेरिका में रहने लगे थे और वे वॉशिंगटन पोस्ट में सऊदी के क्राउन प्रिंस पर काफी आलोचनात्मक पोस्ट लिखते थे और उन्हें सऊदी अरब के लिए ठीक नहीं बताते थे. 2 अक्टूबर 2018 को जमाल की इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास के अंदर निर्म’म तरीके से ह’त्या कर दी गई थी.

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