भारत सूफी-संतों की जमीन रही है. जिनकी वजह से सदियों से यहाँ विभिन्न धर्मों, जातियों, भाषाओ, संस्कृतियों के होने के बावजूद भी भाईचारा है. जो समय-समय पर सामने आता है.

ऐसा ही मौका विश्व प्रसिद्ध मुंबई के माहिम में स्थित हजरत हाजी मखदूम शाह महिमी (रह.) की दरगाह पर देखने को मिला. जहाँ कृष्ण भक्तों ने ‘या मखदूम’ के नारे लगाए. इसके अलावा उन्होंने उनकी शान में पारंपरिक सम्मान के साथ एक पिरामिड भी बनाया.

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