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9 नवम्बर 2000 को एक छोटा सा राज्य उत्तर प्रदेश से टूट कर अलग हुआ और नाम रखा गया उत्तराखंड, सिमित कृषि तथा संसाधनों के इस छोटे से राज्य ने जिस तरह अपनी अलग पहचान बनायीं है वो अपने आप में मिसाल है. आज देश के बड़े पदों पर बैठे गणमान्य नागरिक उत्तराखंड की ही देन है, चाहे वो सेना अध्यक्ष बिपिन रावत हो या यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ. देश की बागडौर संभाल रहे सभी उत्तराखंडीयों का यहाँ ज़िक्र करना शुरू कर दें तो सुबह से शाम हो जाएगी.

आज भी लगभग गाँव के अधिकाँश घरों से सीमा पर उत्तराखंडी पहरा दे रहे हैं और शहादत में नाम लिखवाने वालो में कभी भी पीछे नही रहे.

वहीँ उत्तराखंड की एक और अहम् बात रही है यहाँ का भाई चारा, कुमाऊ और गड़वाल के पहाड़ी गावों में वैसे तो अन्य धर्मों के लोगो की तादात बहुत कम है लेकिन पहाड़ से मिलने वाले प्रेम को अपने दिलों में बसाय गैर पहाड़ी भी खुद को पहाड़ी कहने में गर्व महसूस करते हैं.

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आज एक ऐसा ही विडियो आपके लिए लेकर आये है जिसमे पहाड़ और पहाड़ियों की मुहब्बत को रामनगर नगर पालिका उत्तराखंड के अध्यक्ष हाजी मुहम्मद अकरम अपने शब्दों में कुछ यूं बयान कर रहे है की “रहीमबख्श की बेटी की शादी में पूरा पहाड़ी गाँव कहता था की ‘हिटो बल, बेटी की शादी है“.

लोकरंग टीवी जो की उत्तराखंड का पहला डिजिटल ऑनलाइन टीवी चैनल है. कोहराम न्यूज़ से बात करते हुए लोकरंग चैनल टीवी के संस्थापक मनीष मेहता ने कहा की हमारी कोशिश है की सभी उत्तराखंडीयों को आपस में जोड़ा जाए, जिसके लिए हमने ईजा प्रोडक्शन के बैनर तले लोकरंग टीवी की स्थापना की तथा फसक एक प्रोग्राम है जरिए उत्तराखंडी अपनी बात रखते हैं अपनी यादों को साँझा करते हैं.

विडियो देखें.

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