Thursday, May 19, 2022

कश्मीर की किसी भी महिला ने बिना महरम के हज पर जाने का आवेदन नही किया

- Advertisement -

श्रीनगर। सऊदी सरकार ने 2014 में बिन महरम (गैर परिचित/खून का रिश्ता) के महिलाओं को हज पर आने की इजाज़त दे दी थी लेकिन शरियत का हवाला देते हुए महिलाओं ने इस कानून को मानने से मना कर दिया है. देश की एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य जम्मू और कश्मीर में किसी एक महिला ने भी बगैर महरम के हज पर जाने के लिए आवेदन नहीं दी है।

अधिकारिक सूत्रों ने यूएनआई को बताया कि यह ‘नई हज नीति के तहत 45 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के हज पर जाने के लिए महरम के साथ होने की शर्त खत्म कर दी गई है।

अभी तक 32 हजार 332 आवेदन प्राप्त हुई हैं, उन में किसी एक भी महिला ने महरम के बगैर हज पर जाने की ख्वाहिश का इज़हार नहीं किया है। केन्द्रीय हज कमीटी के मुताबिक देश भर में 1320 मिहलाओं ने महरम के बगैर हज पर जाने के लिए आवेदन दी हैं।

वही इस मामले में देश के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 31 दिसंबर को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस विषय पर बात करते हुए अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्रालय से कहा कि इस साल बिना महरम के हज पर जाने की इच्छुक महिलाओं को लोटरी सिस्टम के बिना हज पर जाने की इजाजत दे दी जानी चाहिए।

- Advertisement -

Hot Topics

Related Articles