New Delhi: Residents of Munirka village protest outside the Jawaharlal Nehru University (JNU) against the organising of a meet to “mourn” the hanging of 2001 Parliament attack convict Afzal Guru, in New Delhi on Friday. PTI Photo by Kamal Singh (PTI2_12_2016_000085A)

समाचार चैनलों द्वारा JNU प्रकरण में दिखाए गए वीडियो पर अब संदेह की सुई दो न्यूज़ चैनलों की तरफ घूम रही है । कन्हैया का कौन सा वीडियो असली है ये सवाल लगातार उठ रहा है।

सोशल मीडिया में जेएनयू के वीडियो को लेकर हंगामा जारी है। इनमें दावे किए गए कि जो वीडियो सबसे पहले वायरल हुआ था और जिसमें जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य को कश्मीर की आजादी का नारा लगाते दिखाया गया था, हो सकता है कि उससे छेड़छाड़ हुई हो और ऑडियो क्लिप अलग से मिलाया गया हो।
यह विवादित टेप जेएनयू परिसर में नौ फरवरी को आयोजित एक कार्यक्रम का था, जिसकी वजह से पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ गई। उस टेप के सामने आने के बाद पुलिस ने कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया था और विश्वविद्यालय के छात्रों की धर-पकड़ शुरू की गई थी।
माकपा से संबद्ध छात्र संगठन एआईएसएफ के नेता और जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को कार्यक्रम में कथित रूप से राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के लिए देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर किया गया था। लेकिन कन्हैया ने आरोपों से इनकार किया है।
पहला वीडियो क्लिप सामने आने के बाद इसका भारी विरोध हुआ और इस विरोध प्रदर्शन के विरोध में भी प्रदर्शन हुए। इसमें निशाने पर जेएनयू रहा, जहां परंपरागत रूप से वामपंथी छात्र संघों का नेतृत्व रहा है।
अब ऐसा लगता है कि कन्हैया कुमार और देशद्रोह के आरोप का सामना कर रहे अन्य लोगों ने कभी ऐसे नारे नहीं लगाए थे, जिनमें जम्मू एवं कश्मीर को भारत से आजाद करने की मांग की गई थी। (hindkhabar)

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