Tuesday, October 26, 2021

 

 

 

दादरी मामले के लिए बीजेपी के 3 लोग जिम्मेदार, पीएम पूछेंगे तो बता देंगे : मुलायम

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को कहा कि कार्यकर्ताओं के बीच ज्यादा समय बिताने और गलती करने पर सरकार की ‘नकेल’ कसने के लिए वह वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव के बाद खुद मुख्यमंत्री नहीं बने और अपने पुत्र अखिलेश को सत्ता सौंप दी।

दादरी मामले के लिए बीजेपी के 3 लोग जिम्मेदार, पीएम पूछेंगे तो बता देंगे : मुलायममुलायम ने पिछले साल दादरी के बिसाहड़ा में भीड़ द्वारा अखलाक नामक व्यक्ति की हत्या के लिए बीजेपी के तीन नेताओं को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अगर प्रधानमंत्री कहें तो वह उन तीनों के नाम बताने को तैयार हैं।

सपा मुखिया ने यहां ‘समाजवादी युवा सम्मेलन’ में कहा कि वर्ष 2012 में जब सपा प्रचंड बहुमत में आई और उन्होंने खुद सत्ता संभालने की बजाय अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया, तब करीब 15 दिन तक पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता निराश दिखे थे।

उन्होंने कहा, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हमसे कहा कि हमने तो चुनाव में आपके नाम पर वोट मांगे थे। सोचा था कि आप ही मुख्यमंत्री बनेंगे। इस पर हमने कहा कि ताकि आपके साथ ज्यादा समय बिता सकें और अगर सरकार कुछ गलत करेगी तो उस पर नकेल कर सकें।

सपा मुखिया ने कहा, हमें उम्मीद नहीं थी कि अखिलेश इतना अच्छा काम करेंगे। उन्होंने हमारा घोषणापत्र उठाया और उस पर अमल शुरू किया। यादव ने बिसाहड़ा कांड का जिक्र करते हुए कहा, जिसका लड़का फौज में सीमा पर था, फायरिंग का मुकाबला कर रहा था, उसके बाप की हत्या कर दी गई। हत्या करने वाले कौन थे…मैंने तीन नाम लिए, तीनों नाम बीजेपी से संबंधित थे। हमने कहा कि अगर प्रधानमंत्री कह दें तो हम तीनों नाम भी बता देंगे।

सपा प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन उनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। सीमा से चीन का कब्जा हटाने की बात कही गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री जब चीन के प्रधानमंत्री से हाथ मिला रहे थे, तभी उनकी सेना भारतीय सीमा में घुस रही थी।

सपा मुखिया ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया। चाहे सीमाओं की सुरक्षा की बात हो, चाहे भेदभाव खत्म करने की बात हो, या किसानों और व्यापारियों के भले की बात हो। कम से कम वादे पूरे करने की शुरुआत तो करते।

उन्होंने कहा, मेट्रो रेल हमारे चुनाव घोषणापत्र का हिस्सा नहीं था। जब अखिलेश ने इसे बनाने के लिए कहा तो हमने कहा कि पहले गरीबों का उत्थान कर लो, लेकिन फिर हमने कहा कि अगर बनाना शुरू कर दिया है तो चुनाव से पहले ही बना दो। अखिलेश ने गरीबों के लिए भी कई योजनाएं चलाई हैं। (NDTV)

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