Monday, October 18, 2021

 

 

 

मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देने पर मीडिया बना रहा ऋषि कपूर के ट्रोल की ख़बरें

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नयी दिल्ली – कहते है की मीडिया लोकतंत्र का चौथा खम्बा होता है और लोगो तक जानकारी पहुंचाने के सशक्त माध्यम है लेकिन जब यही मीडिया खबरों को मनिपुलेट करने लग जाये तो लोगो के दिमाग में वही बात चलेगी जो यह दिखाना चाहेगा. हम बात कर रहे है बॉलीवुड अभीनेता ऋषि कपूर के लेटेस्ट ट्वीट की जिसमे उन्होंने अपने फैन्स को ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी है लेकिन शायद यह बात मीडिया को हज़म नही हो पा रही और उसी ढर्रे पर चल पड़ा जिसपर वो इरफ़ान पठान की सगाई वाली ख़बरों में नेल पेंट की बेसिरपैर की ख़बरें तथा मोहम्मद कैफ की पत्नी की डीप नैक को लेकर एक तरफ़ा खबरें बना चूका है.

हालाँकि हमारे देश भारत में हर तरह के लोग है जो ज़रूरी नही की आपकी हर बात से सहमत हो, यहाँ तक की कुछ लोग ऐसे भी होते है जो सच को भी झुठलाना चाहते है, अगर ऐसा नही होता तो यूट्यूब में जन-गन-मन वाले विडियो पर भी डिसलाइक ना आते, अगर ऐसे ही सबकी बात करने लग जाए तो मीडिया में दिनभर यही खबर चलती रहे की किसने किसके फोटो को डिसलाइक किया और किसने क्या कमेंट किया.

मीडिया में आपको यह खबर देखने को मिल जाएगी की ऋषि कपूर को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देने के लिए ट्रोल किया गया. मीडिया द्वारा फैलाये गये इस माहौल में जहाँ लोगो एक दुसरे के धर्म की इज्ज़त नही कर रहे है वहां कुछ सांप्रदायिक लोगो को अगर यह बात बुरी लगी तो कौन सी बड़ी बात हो गयी. लेकिन मीडिया ने ऋषि कपूर को इस लिए टारगेट कर दिया क्योंकी उन्होंने ईद मिलाद की मुबारकबाद दी?. बॉलीवुड के सितारे लगभग हर धर्म के त्योहारों पर एक दुसरे को मुबारकबाद देते है खान बंधुओं के होली और दिवाली मनाने की चर्चाये चरों तरफ होती है लेकिन जब मीडिया खासतौर पर एक धर्म को मुबारकबाद देने वालो को लेकर खबर बनाये तो समझना चाहिए की खबर उस सेलेब्रिटी को ट्रोल करने वाले के ऊपर नही बल्कि खुद सेलेब्रिटी के ऊपर लिखी गयी है.

हुआ यूं की ऋषि कपूर ने एक ट्वीट किया जिसमे उन्होंने फैन्स को मिलाद उन्नाबी की मुबारकबाद दी, जिसपर एक दो सिरफिरों ने उन्हें यह कह दिया की पाकिस्तान चले जाओ, और मीडिया ने उन एक या दो कमेंट को लेकर न्यूज़ बना डाली. ऐसे मीडिया अगर हर कमेंट को लेकर न्यूज़ बनाने लग जाएगी तो समाज को देश के असल मुद्दे बताने की ज़िम्मेदारी किसकी रह जाएगी?, क्या मीडिया यह चाहती है की लोग एक दुसरे के धार्मिक त्योहारों पर मुबारकबाद देना बंद कर दें?

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