कोहराम न्यूज़ नेटवर्क  स्पेशल रिपोर्ट – published on 19 June 2014

Republished –  04 November 2016

कोहराम के  ज़रिये चलाई  गयी एकता की मुहीम के तहत अपने पाठकों से कोहराम के फेसबुक पेज  पूछे गए सवाल में हम ने पूछा था की देश  में  एकता स्थापित  करने के लिए क्या उपाय किये जाने चाहिए? देश में एकता कैसे कायम की जा सकती है? इस मुहीम में बड़े तौर हिस्सा लेते हुए सभी पाठकों ने बड़े साफ़ दिल से अपनी गलतियों को माना है और साफ़ दिल से एक दुसरे से जुड़ने की बात कही है ! किसी ने स्कूलों में सब मजहबों की तालीम को आम करके बच्चों को शुरू से ही एक दुसरे के धर्म के ज्ञान देने की बात कही तो किसी ने राजनेताओं और मीडिया पर भी ज़िम्मेदारी आयद  की है ! मगर कुल मिलकर सब ही ने यही चाह है की एकता स्थापित होनी चाहिए!

Naiyar Imam Siddiqui   कहते हैं की देश में एकता तभी स्थापित हो सकता है जब हम एक दुसरे के धर्म को सम्मान दें और बर्दाश्त करने की क्षमता पैदा करें. धर्म एक नितांत निजी मामला है जिसे राजनीति से तो क़तई नहीं जोड़ा जाना चाहिए. राज करने की नीति को राजनीति कहा जाता है लेकिन जब राज करने के लिए अपनी नीति में धर्म का समावेश किया जाता है वहीँ से दो धर्मों के बीच अलगाव की भावना पैदा हो जाती है. भारत जैसे देश जहाँ कई तरह के धर्म और उसके मानने वाले हैं, किसी एक धर्म को सर्वश्रेष्ट और दुसरे धर्म को नीच कहना ही सांप्रदायिक विचार दर्शाता है! जैन, बौद्ध और सिख धर्म इसी धरती की उपज हैं, अलबत्ता इस्लाम और इसाई दुसरे देशों से यहाँ पहुंचे हैं. जब हमारा संविधान भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करता है फिर फिर इस देश पर किसी एक धर्म विशेष का ठप्पा लगगे वाले कौन हैं?वो जो भी हैं इस देश का अहित करने वाले हैं, ऐसे लोग देशभक्त नहीं हो सकते. राजनीती विकास के आंकड़ों और मुद्दों पर होनी चाहिए धर्म के आधार पर नहीं, तभी इस देश में एकता और शांति स्थापित हो सकता है!

images2

Rajat Chouhan  कहते हैं की एक खराब सेब से अच्छे सेब भी खराब हो जाते हैं! तो क्यूँ न उस खराब सेब को ही फेंक दें!मैं समझता हूँ हिन्दू मुस्लिम्स सिख इसाई सब को सामान दर्जा मिले और सब का साथ ही सब का विकास है!

Rais Ahmad  कहते हैं की मुल्क में एकता कायम रखने के लिए इस देश की हुकूमत को चाहिए की वोह किसी के भी साथ सौतेला रवय्या न करे!आप मुल्क के एक घर की तरह देखें जहाँ एक भाई को अगर तरजीह दी जाती है तो दुसरा भाई खुद बा खुद हिंसक हो जायेगा और नतीजन उस घर का सुकून खुद बा खुद छिन जायेगा!ब को बराबर का हक देकर ही इस मुल्क में अमन  सुकून कायम किया जा सकता है!

Nizam Jaguar देश की संस्क्रती और सभ्यता को अपनाओ  और धर्म के नाम पर लड़ना छोड़ो! धर्म अपना व्यक्तिगत विचार है !सत्य को जानने और समझने की कोशिश करो! देश के लिए जियो ! जय हिन्द

Javed Khan    मज़हबी मुद्दों को सियासत का हिस्सा नही होना चाहिए और जो कोई ऐसा करने की जुर्रत करे उसको कड़ी से कड़ी सज़ा देने का प्रावधान होना ज़रूरी है क्यों के अपने अपने मज़हब से लोगों के सेंटिमेंट्स जुड़े होते हैं ओर जो बड़े ही सेन्सिटिव मॅटर्स होते हैं ओर जो वक़्त देश की युवा पीडी को वतन की तरक्की मैं लगाना चाहिए वो क़ीमती समय वो तनाव ओर झगडे  में लगा देते हैं!  ज़रा सोचो ये अवाम कितनी प्रोडक्टिव हो सकती है इस मुल्क की खुशहाली और प्रॉस्पेरिटी लाने मैं मगर ऐसे संप्रादायक तत्व  सिर्फ़ अपना उल्लू सीधा कर देशवासियों से कुर्सियों का खेल खेलते हैं जिस कुर्सी पर दरअसल उनकी हेसियत सिर्फ़ जनता के नुमाइंदे की होती है तो उसी कुर्सी को वो अपने बाप के राजपाठ का हिस्सा समझते हैं.. यहाँ ज़रूरत है हम सबके जागने की.. ज़रूरत है डेमॉक्रेसी को समझने  की…अल्लाह हम सभी भाइयों को अपनी अमन मैं रखे और एक होने तौफ़ीक़ आता फरमाए…

 Abu Yusuf “-हिंदू-मुस्लिम एकता फेस्टिवल” मनाया जाए… और इसका प्रचार किया जाए ना की लागू किया जाए… एकता को मज़बूत करने के लिए सेमिनार्ज़ किए जाएँ वहीं एकता विरोधियों को बिना किसी भेदभाव के कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए…

Babu Shaikh भेद भाव पर कासो लगाम, भाईचारा अपनायगी देशकी अवाम.
Mehfooz Ahmad सभी को न्याय और सुरक्षा

Asif Sheth SN :- हुकूमत किसी क भी हो पर इस्लाम के दूसरे बड़े खलीफा हज़रत उमर र.त.आ का क़ानून लागू करदो बस फिर हमारे देश की तक़दीर ही बदल जाएगी हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई ओर हर क़ौम अमन और  सुकून से रहेने लगेगी!

Rahul Singh महिला हर समाज में सेकुलरिज्म की सबसे अच्छी मिसाल हैं! समाज में उनको ज्यादा से ज्यादा ताक़त दो!

Mohammad Imran Ansari  समाज में जिस तरह सम्प्रदायिक ताक़तें सर उठा रही हैं उसको रोकने के लिए स्कूली स्तर पर ही बचों को सभी धर्मों की अनिवार्य शिक्षा दी जनि चैहिये ताकि नफरतें दिलों में न बढ़ायी जा सकें और एक दुसरे के बारे में जानने के बाद छात्र भी एक दुसरे के करीब आएंगे और मुहब्बत करने लगेंगे!

Bhaskar Naik   एक हैं तो हम खड़े हैं बंट ते ही हम गिर जायेंगे !

Md Arif सभी भारतीय एक साथ आगे बढ़ो

Rohit Kumar किसी काम के व्यवहार और विचार में कट्टरता नहीं होनी चाहिए !

Parvez Siddique :- भ्रष्टाचार को ख़त्म कर दो खुद ही एकता आजायेगी

Ishtyaq Ahmad कहते हैं की हर आदमी अगर खुद की कमी को देखे तो खुद ही मालूम हो जायेगा की गलती कहाँ है!

Ashish Pandey सहिष्णुता के साथ रहें और रोटी- बेटी के संबंध स्थापित करें!

Jakera Choudhury कहते हैं की गुनाह करनेवाला को गुनाह गार  माना जाए नकी उसको उसके मज़हब क साथ जोड़ा जाए ! न्याय होना चाहिए सबके साथ….लॉ आंड ऑर्डर हर धर्म क लिए हक़ीक़त मे बराबर होना चाहिए नकी सिर्फ़ पेपर मे..

Angat Dhindsa Dohla कहते हैं की अगेर आप ने अपने आप को सुधार लिया तों सारा देश ही सुधर ज्एगा रात को सोने से पहले अपने दिन क वारे में सोचना चाहिए क मेने आज दिन में कौन सा सही काम  किया है और कौन सा गलत अगर यह सोच लिया तो देश खुद सुधर जायेगा!

Mohammad Hussain कहते हैं की मीडिया का सुधार ज्यादा ज़रूरी है !

Angat Dhindsa Dohla कहते हैं की सबसे पहले स्कूलों में यह शिक्षा  देनी चाहिए क धर्म होता क्या है ,धर्म सिर्फ़ एक मार्ग है परमात्मा की प्राप्ति का ,जिसे अपने घर को जाने क लिए की मार्ग होते है,विसे ही धर्म होता है किसी मार्ग से जल्दी घर जाया  जा सकता है किसी से देर से,इस जज्बे को बढ़ाया  जाना चाहिए के राम, अल्लाह,वहेगुरू,गॉड,परमात्मा एक ही है जिसे ह्मारे  नाम होते है विसे ही गॉड के की  नाम होते है ,और मा बाप को चाहिए क वो सही शिक्षा  अपने बच्चोंको दे और हम हिन्दू  हम मुसलमान इन सबसे दूर रखे!

Kutub Blp जिस देश मे एकता तोड कर सरकार बनाई जाती हो !उस देश मे एकता कहाँ से बनेगी ?
ذوهيب غوري ज़ुहैब गोरी कहते हैं की   छोटे मोटे लफडो को समाज के लोग मिल जुलकर निपटाए जो दोषी हो उसे सज़ा मिले.

Rina Khan देश मे कम्यूनिस्ट पार्टी रूल करेगी तभी धार्मिक  भेदभाव ख़तम होगा!

Shahzad Alam एकता की बात करने वाले लोगों, अगर एकता चाहते हो तो वनडे मातरम ना गाने वालों को देश द्रोही कहा जाता है तो राष्ट्रा भाषा हिन्दी बोलने वाले को मारने  वालों को भी देश द्रोही कहा जाना चाहिए, अगर कश्मीर मे कोई सेना पर अटॅक करता है तो वह आतंकवादी होता है और उसके खिलाफ  ऑपरेशन होता है  और होना चाहिए ! इसी तरह नक्सली और माओइस्ट हमारे जवानो को शहीद कर देते हैं उनके खिलाफ भी ऑपरेशन होना चाहिए और उनको भी आतंकवादी घोषित  करके बेनक़ाब करना चाहिए, जिस तरह  से मीडीया क लोग टेररिस्ट क नामे पर पकड़े गये लोगों को इस्लामी जेहादी देखती है लेकिन जैसे ही बेगुनही साबित करके वापस आते हैं कोई कवरेज न्ही देता ह ये भी बहुत बड़ी रुकावट है!

Sana Khan सब एक साथ मिल कर इंडिया की प्रोग्रेस मे हेल्प करे और बिना किसी जात पात और अमीरी ग़रीबी के !

Mohammad Naeem Qadri कहते हैं की  देश में एकता और अमन लाने के लिए जो ज़रूरी है बहुत वो काम होने चाहये!

Mohd Aslam कहते हैं की हिंदू मुस्लिम राजनीति ना हो और  ग़लत के खिलाफ आवाज़ उतनी चाहिए!

Iŋŋōċeŋt Bøý Sid देश मे शिव सेना, हिंदू सेना, अली सेना, अली सेना बंद की जाए सिर्फ़ 3 सेना रहे जल सेना ,थल सेना , वायु सेना.

Maahi Dangi कहते हैं क  एकता ओर इंडिया मे ..मुमकिन ही नही है…लोगो की घिनोनी सोच की वजह से वोह  बाते तो बड़ी-बड़ी करते है ओर जब उन बातो को निभाने का मौका आता ह तो ..सभी पीछे  हट जाते है….हमारे देश मे लोग सिर्फ़ टीवी देख कर तालिया बजा सकते है!

Shakir Yasin कहते हैं की हमारा मुल्क दुनिया का एक मात्र ऐसा मुल्क ह जहा अलग-अलग धर्म, जाती, और वर्गो क लोग रहते ह. हिन्दुस्तान का इतिहास रहायहाँ से  सभ्यता का  सूरज उदित हुआ है! हमारे भारत में  तभी से ही एकता रही है  लेकिन वर्तमान समय में इस  एकता को ख़तरा उत्पन्न हुआ ह तो वो सिर्फ़ नेताओ की वजेह से  हुआ है  क्योकि वर्तमान समय में  किसी भी  सियासी व्यक्ति ने  एकता पर बल  नही दिया अपितु सिर्फ़ अपने सियासी मकसद क लिए लोगो को आपस में  लड़ाया है  जो हमारी एकता क लिए ख़तरा ह और इससे बचने क लिए हमे सभी के साथ मुहब्बत के नाम पर सुलह कुल जैसे उत्सव मानाने होंगे!

Irfan Wahid  मुझे लगता है आपस मे प्यार मुहब्बत तब तक नहीं आएगी जब तक की जहलत ख़तम नहीं होजती यानी एजुकेशन देश की एकता मे बहुत बड़ा योगदान दे सकती है जब देश के लोग पढ़े लिखे होंगे तो उनको खुद अच्छे बुरे सही ओर ग़लत की पहचान होगी पढ़ा लिखा इंसान किसी के  बहकावे मे नहीं आता वो अपने दिमाग़ का इस्तेमाल  करना जानता है..ओर जिस दिन इस देश क लोग अपने दिमाग़ का इस्तेमाल  करने लगेंगे तब  इनको आपस मेी कोई नहीं लड़ा सकता फिर हिंदोस्ताँ मेी प्यार मुहब्बत क नगमे  सुनाई देंगे फिर ना कोई हिंदू होगा ओर ना कोई मुस्लिम सिर्फ इंसान होंगे जिनके दिलो मेी एक दूसरे क लिए इज़्ज़त ओर प्यार होगा!

Abdul Sami Rao कहते हैं की हिंदू और  मुस्लिम को  पॉलिटीशियन ने  वोट बॅंक के लिए  बांटा है इस बात को समझना होगा!

Khanashah Alam कहते हैं की  इसके लिए धर्म की राजनीति को ख़त्म करना होगा,और जितने भी धर्म के नाम पर  दल बने हुवे हें जो फूट डालो और राज करो की नीति पर आज भी चल रहे हें उन पर  लगाम कसना होगी ,धर्म और जाती के नाम पर  जो ज़हेर देश वासीओं मे फेलाया जा रहा हे उसे रोकना होगा,इंसाफ़ क़ायम करना होगा और धर्म के नाम पेर भेदभाव को ख़त्म करना होगा.अगर ये सब होता हे तो हम अमन भाईचारे और एकता  को ला सकते हें वरना दूसरा कोई तरीक़ा नही हे,सबसे पहले नफ़रत फेलने वालों पेर लगाम कसना होगी!

Shabber Khan मुझे लगता हे सिर्फ शिक्षित नही बल्कि एक सुशिक्षित नागरिक समाज से लेकर देश का निर्माण करते हे,यदि देश की आबादी 100%सुशिक्षित हो जाये,सभी धर्मो के मूल सिधांत जो सभी धर्मो मे कामन हे उनकी शिक्षा साथ साथ दी जाये तो एकता स्थापित हो सकती हे।

Ahsin Uddin कहते हैं  ये घर की तरबियत होती है के  आपके बच्चे का ज़हेन कैसा  बनना !  बचपन से ही  आप उसे किसी भी धर्म क बारे उसके व्यक्ति   के बारे मे उसकी हिस्टरी क बारे मे उसको ग़लत बताओगे  तो उस बच्चेका दिमाग़ उसी जगह पे चलेगा ….घर की तरबियत से  बड़ा असर पड़ता ह…आप अपने बच्चे को कैसी  शिक्षा दे रहे हैं! और शुरुआत होगी  एक नई सोच क साथ देश की तरक्की और कौमी  एकता की….युवा सोच अच्छी होगी तो देश बदलेगा !

Sharief Captan ह म का मतलब हिंदू मुसलमान  करदो

Sabir Khan सार्वजनिक कार्यों से धर्मांधता को निकाला जाए.

Afnan Ahmad कहते हैं की ईमानदारी और न्याए(जस्टीस)

 Firoj Idresi हमे चाहीऐ कि एकता भाईचारे का पैगाम देना चाहीए हम चाहें किसी भी कोम से तल्लुक रखे

 

Prince King Malik  भारतीय एक हों मुश्किल है! कुछ कहते हैं की हम हिन्दू हैं ,कुछ कहते हैं हम मुस्लिम हैं  कुछ ईसाई कुछ सिख ,कुछ पंजाबी,कुछ    पंजाबी, महाराष्ट्रीय, गुजराती, बेंगाली,  बिहारी आदि ! कोई नहीं कहता हम भारतीय हैं! कुछ गलत लोग धर्म के नाम पर  भड़काकर इनकोलड़ा देते हैं यह बेवक़ूफ़ लोग लडाई चालू कर देते हैं! यह अपना दिमाग इस्तेमाल नहीं करते ! जब तक यह लोग खुद खड़े होकर एक नहीं होंगे तब तक कुछ नहीं होगा !

Akram Kassar भड़काऊ भाषण  देने पे किसी भी लीडर को सज़ा मिलनी चाहिए और उसकी सदस्या ख़तम कर देनी चाहिए और ऐसे लीडर को किसी भी सामाजिक या राजनीति सम्बन्ध पर बैन होना चाहिए , लेकिन ये हो नही सकता !

Ansari Farman सबसे पहले क़ानून सभी के लिए बराबर  ओर सखत होना चाहिए.

Nayab Khan Deora महनगाई बढा दो इतनी बढा दो के लोग सिर्फ़ इसके बारे मे ही सोचे के इस महनगाई से यूनिटी बन कर लड़ना है!

 Salman Shaikh देश मे एकता कायम  करने के लए ऐसे संघटन जो अपने राजनीतिक फ़ायदे के लए मज़हबी खेल खेलते है उन पर बैन लगे चाहे हिंदू के हो या मुस्लिम के दूसरा वेट्स अप और फ़ेसबुक पर नज़र हो कोई भड़काऊ  पोस्ट ना हो और अगर  माहौल  सांप्रदायिक होतो इन पर बेन लगा दिया जाए महॉल सुधारने तक
Taj हिंदू मुस्लिम का नारा छोड़ो  और मिल कर आगे  बढ़ो

 Mohammad Alam के कहा की पहले अपनी सोच बदलो ओर दूसरो की सोच बदलने की कोशिश करो शिष्टाचार  के साथ ओर सर्व  धर्म  आदर की नीति हर हिन्दुस्तानी की होनी चाहिए

 Mo Javed Khan हिन्दू राष्ट्र सेना………नव निर्माण सेना…….राम सेना…….
अली सेना…….शिव सेना……. ये सेना…….वो सेना इस देश में नफरत फ़ैलाने वाली कोई सेना नहीं रहनी चाहिए इनका वजूद ख़त्म होना चाहिए……….!!!
इस देश में सिर्फ तीन सेना रहेगी…..!! थल सेना……. जल सेना,…….वायु सेना,…….!! तभी देश में एकता स्थापित हो सकती हे।

Imran Ilu कहते हैं की नज़रिया बदलो सब एकता अपने आप आएगी 100%!

 Syed Salman Ahmed भारत की सभी बिकाऊ मीडिया को बैन कर दो सिर्फ वो अखबार और टीवी चैनल ही रहें जो बिना पक्षपात किये बिना चाटुकारिता किये सिर्फ और सिर्फ सच दिखाएँ किसी एक समुदाय को टारगेट करने वाली और दूसरी विचार धरा का समर्थन करने वाली मीडिया तुरंत बैन की जानी चाहिए। और सोशल मीडिया, व्हाट्स ऍप पर आपत्ति जनक और धार्मिक दुर्भावना फैलाने वाले पोस्ट डालने वालों लाइक और शेयर करने वालों पर सख्त करवाई की जाये चाहे वो किसी भी धर्म का क्यों ना हो।

 Saleem Nagani देश की एकता और अखंडिता को तोड़ने  वाली संस्था और उनके प्रमुखो के ऊपर देशद्रोह  का केस फ़ास्ट  ट्रॅक मे चलना चाहिए और फासी तक की सज़ा का प्रावधान होना चाहिए.

 Mohammed Arif Nagory कहते हैं की जब तक हम एक दूसरे मज़हब की पूरी जानकारी नही करेगे तब तक.. एक दूसरे को समझ नही सकते हैं ! उसके लिए  ज़रूरत है एक मंच पर सभी मज़हब के जानकरो को बताया  जाए और मज़हबी किताबो मे जो मुहब्बत उसको लोगो को बताया जाए ! एक दूसरे के मज़हब का अहतरम किया जाए!

 Sydasad Ali कहते हैं की सब से पहले देश मई शांति लाए और हिन्दू मुस्लिम के  अंदर जो नफ़रत फैलाए  उसको बायकाट करें!

 KaiNaz IsLam कहती हैं की एक दुसरे के लिए जियें !

 Md Imtiyaz कहते हैं की जिओ और जीने दो अपनी मर्ज़ी से

 Minto Chamar कहते हैं सबसे पहले एक दसूरे को सम्मान दो !

 Ahmad Husain आपसी मतभेद निकालो !


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें