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नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने बल देकर कहा है कि भारत में वर्तमान समय में सहिष्णुता की बहुत ज़रूरत है।

उन्होंने कहा कि सहिष्णुता एक बहुत महान गुण है और भारत में वर्तमान में हमें इसकी बहुत अधिक आवश्यकता है। भारत में असहिष्णुता पर चर्चा की पृष्ठभूमि में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने ज़ोर देकर कहा है कि भारत में वर्तमान समय में सहिष्णुता की बहुत ज़रूरत है। उन्होंने अपने व्याख्यान के दौरान कहा कि लोकतंत्र बहुसंख्यकों का शासन नहीं है।

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उन्होंने कहा लोकतंत्र केवल बहुसंख्यकों का एक शासन नहीं है, इसमें अल्पसंख्यकों के अधिकार भी शामिल हैं। प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने कहा कि इसमें स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आदि भी शामिल है।

अपने व्याख्यान के दौरान सेन ने अपने कॉलेज के दिनों के बारे में बात करते हुए कहा कि उस समय सामान्य विचार यह था कि किसी भी पक्ष की ओर से आने वाले किसी भी तरह के विचार को स्वीकार कर लिया जाए।