Wednesday, September 22, 2021

 

 

 

पटना से आई थी पढ़ने, प्रोफेसर ने सिखा दिया ‘सबक’

- Advertisement -
- Advertisement -

कोहराम न्यूज़ – कितनी उम्मीद से लोग अपनी बिटिया को घर से बाहर पढने भेजते है एक तो लड़कियां अपने माँ-बाप का कलेजे का टुकड़ा होती है वहीँ उनके घर से जाने से घर भी सूना हो जाता है. शायद कुछ ऐसे ही हालात पटना से गौतम बुद्ध नगर पढने आई उस लड़की के घर के होंगे जिसे शिक्षा के मंदिर में बैठे राक्षसों ने गन्दी नज़र से देखा.

आमतौर पर 1 लाख रुपए फ़ीस वसूलने वाले इन प्राइवेट कॉलेज में छोटी से छोटी बात पर फाइन लगाया जाता है जैसे लेक्चर बंक करना, ज़रा सी टूटफूट, गले में टाई, बेल्ट, यूनिफार्म, यहाँ तक की अगर हॉस्टल में रखा 50 रुपए का डस्टबीन भी किसी तो टूट जाये तो हॉस्टल के सभी छात्रों को फाइन देना पड़ता है. बात सिर्फ फाइन पर ही खत्म नही होती बच्चों को टोरचर करने के लिए अटेंडेंस के नाम पर डिबार किया जाता है, रोजाना इतने अधिक असाइनमेंट होते है की पूरी इंजीनियरिंग सिर्फ असाइनमेंट खत्म करने में निकल जाती है जो बाकी बचती है वो प्रेजेंटेशन की तैयारी में.

इस बात को बताने का कोहराम न्यूज़ का मकसद सिर्फ ये है की स्टूडेंट्स पर कॉलेज इतना अधिक प्रेशर डालते है की उनके पास कॉलेज मैनेजमेंट का कहना मानने की सिवा कोई दूसरा चारा नही होता और इसी बात का कुछ दरिन्दे गलत फायदा उठा लेते है.

पटना से इंजीनियरिंग करने आई रूचि(नाम बदल दिया गया है) को शायद पता नही था की जिस जीबीयू कॉलेज में वो एडमिशन लेने जा रही है वहां ऊँची पोस्ट पर सभ्य होने का चोला पहनकर बैठे कुछ लोग उसे ऐसा सबक देंगे की उसे ज़िन्दगी भर याद रहेगा.

यहाँ ये बताना ज़रूरी है की अगर कॉलेज का मिनियम अटेंडेंस क्राइटेरिया 75% है तो बहुत से कॉलेज, स्टूडेंट्स को एग्जाम में नही बैठने देते तथा फ़ीस लेकर इम्प्रूवमेंट एग्जाम कराते है जिससे कॉलेज को डबल फायदा होता है, जब रूचि की अटेंडेंस कम हो गयी तब दूसरों की तरह उसे भी एग्जाम की चिंता ने घेर लिया और इस बात को लेकर फैकल्टी मेम्बर से बात की लेकिन चूँकि प्राइवेट कॉलेज में अस्सिस्टेंट प्रोफेसर और क्लर्क के अधिकारों में ज्यादा फर्क नही होता तो टीचर ने वही किया जो वो कर सकते थे उन्होंने एचओडी से बात करने को कहा, आरंभिक बातचीत में एचओडी तथा प्रोफेसर रूपेंद्र कुमार पचौरी ने लड़की को अपने ऑफिस में बुलाया.

जब रूचि ऑफिस में गयी तो पहले तो उसे अटेंडेंस को लेकर काफी डराया गया और बाद में खुला ऑफर दिया ” एक रात मेरे साथ घर रुक जाओ, यूनिवर्सिटी टॉप करा दूंगा” तथा छेड़खानी करते हुए रूचि के कपडें उतारने की कोशिश करने लगा लड़की जैसे तैसे वहां ने भागकर सीधे अपने दोस्तों के पास गयी और पूरी कहानी सुनाई जिसके बाद काफी संख्या में स्टूडेंट्स ने एकत्र होकर विरोध प्रकट किया.

कॉलेज प्रशासन ने एचओडी पचौरी को ससपेंड कर दिया है वहीँ लड़की ने कॉलेज छोड़ दिया है 

इस घटना से कुछ सवाल उठ रहे है

1 – क्या रूचि(बदला हुआ नाम) वो पहली लड़की थी जिसे HOD अपना शिकार बनाना चाह रहा था हो सकता है पहले भी वो ऐसे गंदे खेल, खेल चूका हो ?

2 – क्या कॉलेज प्रशासन की चुप्पी उन छात्राओं के लिए हानिकारक नही है जिन्हें उच्च पोस्ट पर बैठे दरिन्दे गन्दी निगाह से देखते है ?

3 – क्या कॉलेज उस छात्रा की एक वर्ष की फ़ीस वापस करने के साथ साथ कंपनसेशन भी देगा ?

Tags – GBU Molest Case, Gautam Buddh University Professor molest girl,

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles