Sunday, January 23, 2022

मुस्लिम को फ्लैट बेचे जाने का विरोध करने वाले सभी 11 लोगो पर मुकदमा

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मंबई- मुस्लिम युवक को फ्लैट बेचे जाने का विरोध करने वाले ग्यारह लोगो पर साम्प्रदायिकता भंग करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है गौर-तलब है की यहां एक 35 वर्षीय के विकार अहमद खान ने वसई के हाउसिंग सोसायटी में घर नहीं मिलने के लिए मनिकपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी।

मीडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार हाउसिंग सोसायटी ने एक प्रस्ताव पास किया था, जिसके तहत मुस्लिम के घर खरीदने पर रोक लगाई गई थी तथा इसको लेकर एक प्रस्ताव बनाया था जिसपर 11 लोगो ने हस्ताक्षर किये थे वहीँ प्रस्ताव पुलिस ने 11 लोगो के खिलाफ इस्तेमाल किया है. सभी एक ही बिल्डिंग में रहते हैं। पुलिस ने इस मामले में सेक्शन 295 ए (धर्म की तौहीन करने के इरादे से काम करना) और सेक्शन 298 (धार्मिक भावना भड़काने) के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, हैप्पी जीवन हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले कांताबेन पटेल (55) और जिग्नेश पटेल (32) अपने फ्लैट को विकारअहमद खान को 47 लाख रुपये में बेचने पर तैयार थे। इसी दौरान उन्हें हाउसिंग कमेटी से पारित प्रस्ताव दिया गया जिसमें कहा गया कि मुस्लिम घर नहीं खरीद सकते। पुलिस ने कहा, आरोपियों ने दावा किया कि सभी लोगों ने मिलकर ये फैसला लिया था। वे लोग ये नहीं चाहते थे कि कोई उनकी सोसायटी में नॉनवेज पकाए।

कांताबेन पटेल को जो प्रस्ताव दिया गया था, उसमें लिखा था, ‘ये मालूम चला है कि आप अपने फ्लैट को किसी मुस्लिम लड़के को बेचना चाहते हैं. हमें लगता है कि आपको ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे भविष्य में सोसायटी का माहौल खराब हो सकता है।’ पुलिस ने इस प्रस्ताव को भी एफआईआर के रिकॉर्ड में शामिल किया है। इस सोसायटी में 16 फ्लैट हैं और 2 मुस्लिम फैमिली रहती है। दोनों मुस्लिम परिवारों ने बिल्डर से ही फ्लैट खरीदा है. इन्हें सोसायटी की कमेटी और उसके फैसलों से बाहर रखा गया है।

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कांताबेन पटेल ने कहा, ‘हम अपना घर खान को बेचना चाहते थे, सोसायटी कैसे इसका विरोध कर सकती है? जबकि खान पैसे देने को तैयार हैं।’ खान वसई में एक ग्लास शॉप चलाते हैं और अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते हैं। वे पहले से बड़े घर में शिफ्ट होने की कोशिश कर रहे थे और एरिया भी नहीं बदलना चाहते थे। अभी वे इस सोसायटी से 100 मीटर की दूरी पर ही एक कमरे के घर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि टोकन राशि के तौर पर वे एक लाख रुपये पटेल को दे चुके हैं। वे सोसायटी से एनओसी चाह रहे थे, ताकि लोन के लिए अप्लाई कर सकें।

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