Thursday, January 20, 2022

… और आखिरकार ‘एडल्ट’ हुआ गूगल

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विश्व का सबसे बड़ा इन्टरनेट सर्च इंजन गूगल आज एडल्ट हो गया है. दुनियाभर के इन्टरनेट यूजर को कंटेंट मुहैया कराने वाले google का जन्म वैसे तो 1996 में हो गया था लेकिन उसे एक सर्च इंजन के तौर पर स्थापित होते होते 2 वर्ष का समय लग गया.

आज google अपना 18वा जन्मदिन मना रहा है लेकिन सबसे मज़ेदार बात यह की वो 4 बार अलग अलग तारीखों पर अपना जन्मदिन मना चूका है अपने 15वें जन्मदिन पर गूगल ने खुद कहा था कि कंपनी को नहीं पता कि गूगल का असली जन्मदिन कब होता है।

गूगल ने अब तक सात सितंबर, आठ सितंबर, 26 सितंबर और 27 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया है। साल 2002 में गूगल ने 27 सितंबर को अपना चौथा जन्मदिन मनाया था।  लेकिन इसके अगले साल सात सितंबर और उसके अगले साल आठ सितंबर को गूगल ने अपना जन्मदिन मनाया। हालांकि साल 2006 से अब तक गूगल 27 सितंबर को ही अपना जन्मदिन मनाता आ रहा है।

हालांकि, गूगल डॉट कॉम (google।com) का डोमेन 15 सितंबर 1995 को रजिस्टर किया गया था, इस लिहाज़ से गूगल का जन्मदिन 15 सितंबर को होना चाहिए। हालांकि लैरी पेज और सर्जी बिन ने 4 सितंबर 1998 को गूगल को एक कंपनी के तौर पर रजिस्टर किया और कंपनी के नाम पर पहला बैंक अकाउंट भी खुलवाया। इस लिहाज़ से 4 सितंबर को भी गूगल का जन्मदिन मनाया जा सकता है। साल 1998 में ही 30 अगस्त को कंपनी ने अपना पहला डूडल जारी किया था।

गूगल के बारे में कुछ जानकारी 

गूगल की शुरुआत 1996 में एक रिसर्च परियोजना के दौरान लैरी पेज़ तथा सर्गेई ब्रिन ने की। उस वक्त लैरी और सर्गी स्टैनफौर्ड विश्वविद्यालय, कैलिफ़ोर्निया मेंपीएचडी के छात्र थे। उस समय, पारंपरिक सर्च इंजन सुझाव (रिजल्ट) की वरीयता वेब-पेज पर सर्च-टर्म की गणना से तय करते थे, जब कि लैरी और सर्गेई के अनुसार एक अच्छा सर्च सिस्टम वह होगा जो वेबपेजों के ताल्लुक का विश्लेषण करे। इस नए तकनीक को उन्होनें पेजरैंक (PageRank) का नाम दिया। इस तकनीक में किसीवेबसाइट की प्रासंगिकता/योग्यता का अनुमान, वेबपेजों की गिनती, तथा उन पेजों की प्रतिष्ठा, जो आरम्भिक वेबसाइट को लिंक करते हैं के आधार पर लगाया जाता है।

1996 में आईडीडी इन्फ़ोर्मेशन सर्विसेस के रॉबिन ली ने “रैंकडेक्स” नामक एक छोटा सर्च इंजन बनाया था, जो इसी तकनीक पर काम कर रहा था। रैंकडेक्स की तकनीक को ली ने पेटेंट करवा लिया और बाद में इसी तकनीक पर उन्होंने बायडु नामक कम्पनी की चीन में स्थापना की। पेज और ब्रिन ने शुरुआत में अपने सर्च इंजन का नाम “बैकरब” रखा था, क्योंकि यह सर्च इंजन पिछली कड़ियाँ (backlinks) के आधार पर किसी साइट की वरीयता तय करता था।

अंततः, पेज और ब्रिन ने अपने सर्च इंजन का नाम गूगल (Google) रखा। गूगल अंग्रेज़ी के शब्द “गूगोल” की गलत वर्तनी है, जिसका मतलब है− वह नंबर जिसमें एक के बाद सौ शून्य हों। naamनाम “gooगूगल” इस बात को दर्शाता है कि कम्पनी का सर्च इंजन लोगों के लिए जानकारी बड़ी मात्रा में उपलब्ध करने के लिए कार्यरत है। अपने शुरुआती दिनों में गूगल स्टैनफौर्ड विश्वविद्यालय की वेबसाइट के अधीन google.stanford.edu नामक डोमेन से चला। गूगल के लिए उसका डोमेन नाम 15 सितंबर 1997 को पंजीकृत हुआ। सितम्बर 4, 1998 को इसे एक निजी-आयोजित कम्पनी में निगमित किया गया। कम्पनी का पहला कार्यालय सुसान वोज्सिकि (उनकी दोस्त) के गराज [[मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया] में स्थापित हुआ। क्रेग सिल्वरस्टीन व एक साथी पीएचडी छात्र कम्पनी के पहले कर्मचारी बनें।

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