पेप्सी और कोकाकोला कंपनी से कोल ड्रिंक बनाने के लिए तमिरबरनी नदी पानी लिए जाने पर से चेन्नई के हाइ कोर्ट ने रोक हटा ली है। इस आदेश के बाद तमिरबरनी नदी के पास रहने वाले किसानों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

तमिलनाडु के किसान गंभीर सूखे की समस्या से जूझ रहे हैं और पड़ोस के देशों द्वारा तमिलनाडु के पानी न दिए जाने ने इस सम्स्या को और भी गंभीर बना दिया है। इसको देखते हुए किसी भी प्रकार का दूसरा मामला कि सानों के लिए बड़ा ख़तरा है, जैसे हाइड्रोकार्बन निकाले जाने का मामला भी किसानों के लिए गंभीर ख़तरा है।

याद रह कि 27 अक्टूबर 2015 को पेप्सी और कोकाकोला कंपनी को एक बड़ा भू भाग और नदी से पानी निकाले जाने की अनुमति दिए जाने के बाद बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था जिसमें प्रदर्शनकारियों और पुसिल के पीच झड़पें भी हुई थी जिसकें बहुत से किसान घायल हुए थे

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एक्कीस नवंबर को हाईकोर्ट ने कंपनी द्वारा नदी के पानी प्रयोग के पक्ष में फैसला सुनाया जिसके बाद विरेध स्वरूप किसानों और विद्यार्थियों ने नदी के तट पर बड़ा प्रदर्शन किया। कुछ छात्रों ने नदी के पानी में छलांग लगाकर पेप्सी और कोकाकोला के विरुद्ध नारे लगाए, स्थानीय लोग तमिरबरनी नदी के पानी को वापस दिए जाने की मांग कर रहे थे।

एक प्रदर्शनकारी ने बतायाः तमिरबरनी नदी शहर की जीवन रेखा है, अदालत का फ़ैसला हमारे लिए चकित कर देने वाला है, हम पेप्सी और कोकाकोला पर प्रतिबंध चाहते हैं।

प्रदर्शन में शामिल एक स्टूडेंट बशीर ने कहाः यह कंपनियां कहते हैं कि वह नदी के बच जाने वाले पानी का प्रयोग करती हैं, अगर ऐसा है तो क्यों हमारी सरकार पानी बेच रही है, हमको यह कार्य तुरंत रोकना होगा ताकि नदी को बचाया जा सके।

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