गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज के हॉस्पिटल में ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से 60 से ज्यादा बच्चों को अकाल मौत का सामना करना पड़ा है. इसी बीच बीआरडी कॉलेज का फिर शर्मनाक रवैया सामने आया है. अस्पताल प्रशासन  मृतक बच्चों के शवों को ले जाने के लिए परिजनों को एम्बुलेंस तक भी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा.

सिद्धार्थनगर के राजेश नाम के शख्स ने न्यूज 18 को बताया कि वह  9 अगस्त को अपने बच्चे का इलाज करवाने के लिए आया था. बच्चे को नियोनिया हुआ था. डॉक्टरों ने कहा था कि वह दो-चार दिन में बिल्कुल ठीक हो जाएगा.

उन्होंने बताया कि लेकिन बच्चे की अचानक मौत हो गई. उन्होंने कहा कि पहले तो हॉस्पिटल वालों ने बच्चें के शव को घर ले जाने नहीं दिया. क्योंकि स्वास्थ मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह वहां आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे.

राजेश ने कहा कि बाद में जब बच्चे के शव को घर लेकर जाने की बरी आई तो कोई व्यवस्था नहीं की गई.  राजेश के मुताबिक, उसने एंबुलेंस मांगी तो कहा गया कि तुम्हारा बच्चा तो छोटा है, इसको तो टेंपो में भी लेकर जा सकते हो. इसके बाद राजेश अपनी पत्नी के बाद, अपने बेटे को गोदी में कपड़े से ढंककर खड़ा रहा.

राजेश ने भी अपने बच्चें की मौत की वजह ऑक्सीजन की कमी की बात कही. राजेश के मुताबिक, अस्पताल में बेड और डॉक्टरों की भी कमी थी. राजेश ने बताया कि वहां एक डॉक्टर 60-60 लोगों का इलाज कर रहा था.

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