Tuesday, January 25, 2022

डॉक्टर कफील को क्लीनचिट देने से योगी सरकार का इंकार, प्रमुख सचिव बोले….

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गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 70 बच्चों की मौ*त के मामले में डॉक्टर कफील खान के क्लीन चीट मिलने के दावो के उलट योगी सरकार ने साफ किया कि डॉक्टर कफील को क्लीनचिट नहीं दी गई है।

प्रमुख सचिव रजनीश दुबे ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि डॉक्टर कफील द्वारा जांच आख्या में गलत खबर प्रसारित करने और सरकारी सेवा में रहते हुए प्राइवेट प्रैक्टिस करने सहित 4 आरोप में दो आरोप पूर्ण रुप से सही पाए गए हैं।

प्रमुख सचिन ने कहा कि अभी किसी भी विभागीय कार्रवाई में अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। डॉ कफील गलत तरीके से अपनी क्लीनचिट प्रसारित करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 7 आरोप डॉ कफील पर हैं, जिस पर जांच चल रही है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि 2 आरोप जिनमें कफील खुद को निर्दोष होने का प्रचार कर रहे, वे गलत हैं। सरकारी सेवा में रहते हुए डॉक्टर कफील निजी प्रैक्टिस कर रहे थे।  अभी उन्हें किसी भी मामले में क्लीनचिट नहीं दी गई है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि निलंबन अवधि के दौरान डॉ. कफील अहमद खान द्वारा 22 सितंबर 2018 को तीन-चार बाहरी व्यक्तियों के साथ जिला चिकित्सालय बहराइच के बाल रोग विभाग में जबरन प्रवेश कर मरीजों का उपचार करने का प्रयास किया गया, जिससे चिकित्सालय में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हुआ।

डॉ. कफील खान द्वारा सरकारी सेवक के रूप में किया गया यह कृत्य और मीडिया में प्रसारित की गई भ्रामक जानकारियां अत्यंत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आती हैं। इन तमाम वजहों को देखते हुए उनपर एक और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है, जिनमें उनके ऊपर अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार, कर्तव्य पालन में घोर लापरवाही करना शामिल है। इसकी जांच के लिए प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण को जांच अधिकारी बनाया गया है।

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