लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा के चार दिन गुजर जाने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी चुप्पी तोड़ी है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रति​बद्ध है और अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा. योगी ने कहा, ‘हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

योगी ने कहा, ”पूरे प्रदेश के अंदर विकास और सुशासन हमारा प्रमुख मुद्दा है. आज इसी को लागू करवाने के लिए मैं और मेरे मंत्री निकले हैं. प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ हर किसी को पहुंचाना और हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है. प्रदेश में भ्रष्टाचार और किसी भी प्रकार की अराजता के लिए स्थान नहीं है.

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी यूपी सरकार से इस पुरे मामले की रिपोर्ट तलब की है. गृह मंत्रालय ने पूछा है कि आखिर वो क्या वजह थी जिसके चलते इस कदर हिंसा फैली और इसे रोकने में प्रशासन क्यों नाकाम रहा? गृह मंत्रालय ने आगे पूछा है कि समय रहते कासगंज हिंसा को क्यों काबू नहीं किया गया?

ध्यान रहे  पश्चिमी यूपी के कासगंज में 26 जनवरी को विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लोगों ने तिरंगा यात्रा निकाली और जबरन एक समुदाय विशेष के मोहल्ले में हंगामा किया. इसके बाद लोगों ने बाइक पर निकली तिरंगा यात्रा पर पथराव किया और हिंसा भड़क गई. हिंसा में चंदन नाम के युवक की मौत हो गई, जबकि अकरम की आंख चली गई. चंदन की अंत्योष्टि से वापस आ रहे लोगों ने कासगंज में जमकर बवाल किया. प्रशासन की नाक के नीचे दुकानों और बसों में आग लगाई गई. तीन दिन तक कासगंज सांप्रदायिक हिंसा की आग में जलता रहा.

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