बुलंदशहर में कथित गौरक्षा के नाम पर हुई हिंसा को प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दुर्घटना करार दिया है। साथ ही उन्होने  इस घटना को मॉब लिंचिंग को मानने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि, राज्य में कोई मॉब लिंचिंग नहीं है, बुलंदशहर की घटना केवल एक दुर्घटना है।

जागरण के कार्यक्रम में पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, उत्तर प्रदेश में कोई कोई मॉब लिंचिंग नहीं है, बुलंदशहर की घटना केवल एक दुर्घटना है। जिले में हुई हिंसा को लेकर योगी आदित्यनाथ जांच के आदेश दे चुके हैं। वहीं शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के परिजनों को मुआवजा के साथ एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान कर चुके हैं।

बता दें कि स्याना गांव में सोमवार को हुई हिंसा के मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 4 लोग हिरासत में लिए गए हैं। पुलिस ने कुल 27 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। भगवा संगठनों के इस हमले में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार शहीद हो गए थे। साथ ही एक दंगाई की भी मौत हुई है।

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पुलिस कि और से दर्ज एफआईआर में कुछ आरोपी बजरंग दल, भाजपा और विहिप जैसे संगठनों से जुड़े हैं। मुख्य आरोपी बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज है। स्याना में भाजपा यूथ विंग का अध्यक्ष शिखर अग्रवाल और विहिप कार्यकर्ता उपेंद्र राघव भी नामजद हैं। यह सभी फरार हैं।

इस मामले में मारे गए पुलिस अधिकारी की बेवा का आरोप है कि दादरी के अखलाक हत्याकांड की जांच के कारण साजिश के तहत उनकी हत्या की गई है। सुबोध कुमार की पत्नी रजनी ने कहा कि, ‘उन्होंने (सुबोध कुमार) हमेशा ईमानदारी से काम किया और खुद ही सारी जिम्मेदारियां संभाली।’ उन्होंने कहा कि, ‘ऐसा हादसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी उन्हें दो बार गोली लग चुकी है। लेकिन अब कोई उन्हें इंसाफ नहीं दे रहा।’ उन्होंने कहा कि, ‘ इंसाफ तभी होगा जब हत्यारे मार दिए जाएंगे।’

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