लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में प्रथम योग महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूर्य नमस्कार और नमाज को मिलता-जुलता बताया. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के समाज को तोडऩे वाली क्रिया के कारण इसका प्रचार नहीं किया जाता है.

उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार की पूरी प्रक्रिया अगर देखें तो पाएंगे कि मुस्लिम बंधु जो नमाज पढ़ते हैं उससे वो मिलती जुलती है.  दोनों बिल्कुल एक जैसी हैं लेकिन उन्हें जोड़ने का प्रयास नहीं किया गया क्योंकि जो लोग सत्ता में थे उन्हें योग की नहीं, भोग की आदत थी.

योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, कुछ लोगों को योग में नहीं भोग में विश्वास है. ये वही लोग हैं, जिन्होंने समाज को तोड़ा है और जाति धर्म के आधार पर बांटा है. उन्होंने कहा कि योग कई बीमारियों में लाभप्रद है. योग करने वाला व्यक्ति शुरू से अंत तक पूरी तरह स्वस्थ रहता है. यूपी सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगी.

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उन्होंने कहा, व्यायाम फिटनेस देता है लेकिन एक समय के बाद शारीरिक और फिर मानसिक रूप से कमजोर करेगा लेकिन योग करने वाला व्यक्ति प्रारंभ से अंतिम समय तक स्वस्थ रहता है. आदित्यनाथ ने सबके लिए योग की हिमायत की, इसे विश्वव्यापी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना भी की.

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