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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला शिक्षकों ने पुरुषों के समान वेतन की मांग को लेकर ‘अध्यापक अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की.

शनिवार को महिला शिक्षकों ने शिवराज सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए विरोध का नया तरीका अपनाया. इस दौरान प्रदर्शन कर रही चार अस्थाई अध्यापिकाओं ने अपना ​सिर मुंडवा लिया. जबकि कई अस्थाई अध्यापिकाओं ने भी अपने केश कटवा कर प्रदर्शन किया.

आजाद अध्यापक संघ के प्रांतीय महासचिव केशव रघुवंशी ने बताया कि शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग सहित 13 मांगों को लेकर लंबे समय से अध्यापक आंदोलन करते आ रहे हैं. लेकिन सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया. इसलिए ये प्रदर्शन शुरू किया गया.

आजाद अध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष शिवराज वर्मा ने कहा कि हमें नहीं पता कि हम किस विभाग से संबंधित हैं. शिक्षा विभाग का कहना है कि हम स्थानीय निकायों के कर्मचारी हैं, जबकि स्थानीय निकाय का कहना है कि हम शिक्षा विभाग के कर्मचारी हैं. प्रदेश के 2.88 लाख अस्थायी अध्यापक पिछले कई सालों से एक दर से दूसरे दर भटक रहे हैं.

वर्मा ने बताया, चार अध्यापिकाओं शिल्पी शिवान (महू), सीमा क्षीरसागर (अलीराजपुर), अर्चना शर्मा (जबलपुर) और रेणुका सागर (रायसेन) ने अपना सिर मुंडवाया हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ हम इन महिला शिक्षकों के केश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को देना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने हमें मुख्यमंत्री निवास के पास जाने की अनुमति नहीं दी.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मुख्य मांग है कि हमारी सेवाएं शिक्षा विभाग के तहत कर हमारा संविलयन शिक्षा विभाग में किया जाए और प्रदेश के अन्य नियमित कर्मचारियों के समान हमें सुविधाएं दी जाए.”

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