राजस्थान के भवानीमंडी में बड़ा ही दर्दनाक मामला सामने आया है. कालवा रेलवे फाटक पर दो बच्चियों को साथ लेकर आई एक माँ ने अपनी बच्चियों को छोड़ ट्रेन के सामने आकर जान दे दी. महिला का शव शत-विक्षत हो गया. ये पूरा हादसा बच्चियां देखती रही और रोती-बिलखती रही.

गेटमैन रमेश चंद के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 2.45 बजे एक महिला  दो बच्चियों को लेकर दूधाखेड़ी की ओर से आई. इस दौरान बच्चियों को पटरियों की एक ओर खड़ा कर दिया, और अचानक से उन्हें छोड़ बीच पटरी पर आने लगी. इस दौरान बच्चियां भी महिला के पीछे आने लगी, वह दुबारा लौटकर आई और उन्हें फिर से एक तरफ खड़ा किया और बीच पटरी पर आरकर खड़ी हो गई.

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रमेश चंद ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों सहित मौजूद लोगों ने उसे लौट आने को कहा, लेकिन इतने में तेज रफ्तार से आई मालगाड़ी से वो टकराई और उसका शव 500 मी. तक घसीटा जाने का बाद पूरा शत-विक्षत हो गया. दूसरी और बच्चियां रोती-बिलखती रही.

मत्यु से पूर्व बच्चियों को भूख से बचाने के लिए मां ने समीप ही दुकान से बिस्कुट का पैकेट दिलाया था. आत्महत्या के बाद वे बिलखती रही, उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था और न ही वे कुछ बता पा रही थी. थानाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि एक बालिका की उम्र एक से डेढ़ और दूसरी की तीन वर्ष के करीब लगती है। इनकी पुलिस थाने में सार-संभाल की जा रही है

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