source: iStock

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के दावों के उलट देश की जनता आज भी भूख से अकाल मौत मर रही है. ताजा मामला एक बार फिर से बीजेपी शासित झारखंड में पेश आया है.

डुमरी प्रखंड के मंगरगढ़ी गांव में 62 वर्षीय महिला सावित्री देवी ने तीन दिन से कुछ खाने को नहीं मिलने के बाद तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। वृद्धा की बहू पूर्णिमा ने बताया कि घर की माली हालत काफी खराब है. पिछले तीन दिनों से वृद्धा को भोजन नहीं मिला था. जिससे उसकी मौत हो गई.

बता दे कि वृद्धा भीख मांगकर अपना गुजरा कर रही थी. बावजूद वृद्धा को जीवनयापन के लिए प्रशासन ने न तो पेंशन और नहीं राशन कार्ड उपलब्ध कराया। स्थानीय विधायक जगरनाथ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर भुखमरी से मौत की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह इस मामले को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

वहीं, गिरीडीह के प्रभारी उपायुक्त मुकंद दास ने कहा कि महिला की भूख से मौत नहीं हुई है. वह लकवाग्रस्त थी. जबकि चैनपुर पंचायत के मुखिया रामप्रसाद महतो और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शीतल प्रसाद काशी भी भूख को ही मौत की वजह ठहरा रहे हैं.

गौरतलब है कि इससे पूर्व सिमडेगा जिले के करीमती गांव में पिछले साल सितंबर में 11 वर्षीय संतोषी की भी कथित तौर पर भूख से मौत हो गई थी. इस दौरान मां ने कहा था कि बेटी भात-भात कहकर मर गई, राशन डीलर ने आधार कार्ड लिंक न होने कारण राशन देने से मना कर दिया था.

Loading...