Wednesday, August 4, 2021

 

 

 

तहफ़्फुज़ ए नामुस ए रिसालत के लिए कानून को लेकर आखिरी दम तक लड़ेंगे: मोईन मियां

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मुंबई: आल इंडिया सुन्नी जमीयत इल्मा की शुक्रवार को हुई एक अहम बैठक में हुजूर मोईन उल मशाईख हजरत अल्लामा मौलाना अल्हाज अल शाह सैयद मोइनूद्दीन अशरफ अशरफी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार से तहफ़्फुज़ ए नामुस ए रिसालत के लिए कानून की मांग की गई है। आल इंडिया सुन्नी जमीयत इल्मा इस कानून के लिए आखिरी दम तक लड़ेगी।

आल इंडिया सुन्नी जमीयत इल्मा का सदर बनने पर उन्होने कहा, आल इंडिया सुन्नी जमीयत इल्मा अपने इस्लाफ की नुमाइंदा जमात है। हम सब की मुश्तरका ज़िम्मेदारी है कि उसके परचम के नीचे जमा हो कर दीन व सुन्नीयत की खिदमत करें। मसलक ए आला हजरत का फ़रोग और तहफ़्फुज़ ए नामुस ए रिसालत के लिए जद्दोजहद करने का अहद करे।

इस मौके पर रज़ा एकेडमी के सरबराह अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी साहब ने कहा कि अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है कि हजरत सय्यद मोईन मियां ने आल इंडिया सुन्नी जमीयत इल्मा का सदर बनने के बाद बड़ा फैसला लेते हुए पहली मीटिंग तहफ़्फुज़ ए नामुस ए रिसालत के लिए कानून को लेकर की है। जो बड़ी खुशी की बात है।

इस मौके पर मौलाना खलील-उर-रहमान नूरी, मौलाना अमानुल्लाह रिज़वी, मौलाना हाफिज शादाब, मौलाना सुल्तान महबूबी, कारी मुश्ताक तिघी, मौलाना अब्दुल रहीम, मौलाना आरिफ सहित बड़ी संख्या में उलेमा मौजूद रहे।

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