Saturday, September 25, 2021

 

 

 

फितना कादियानियत को हम मुल्क में पनपने नहीं देंगे: उलेमा ए अहले सुन्नत

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मुंबई: इमामूल अंबिया खात्मुल मुरसलीन जनाबे मुहम्मद रसूलल्लाह (ﷺ) आखिरी नबी है। आप के बाद रब तआला ने नबुवत का दरवाजा बंद फरमा दिया। अब कयामत तक कोई दुसरा नबी नहीं आएगा। अगर कोई मुमकिन भी तसव्वुर करे तो दायरा ए इस्लाम से खारिज है। नबी ए पाक (ﷺ) ने खुद इरशाद फरमाया मैं आखिरी नबी हूं। मेरे बाद कोई नबी नहीं आएगा। जैसा कि इस बात की शहादत खुद कुरान करीम में मौजूद है। साथ ही नबी ए पाक (ﷺ) का इरशाद है कि मै आखिरी नबी हूं और तुम आखिरी उम्मत हो। यही अक़ीदा कारून औला से लेकर आज तक के मुसलमान का है और कयामत तक रहेगा। अब अगर कोई नबी का कलमा पढ़ने वाला अपने आप को नबी होने का दावा करे तो इस से बड़ा कोई कजाब, मक्कार और झूठा नहीं। इस तरह का इज़हार ए ख्याल मुंबई आज़मा में मंगलवार को मुनाकीद अज़ीमुल शान ताजदारे खत्म नबुवत कांफ्रेंस में उलेमा ए अहले सुन्नत ने किया।

वहीं कायद ए मिल्लत अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी साहब बानी रज़ा एकेडमी ने कहा कि 7 सितंबर 1974 को उलेमा ए रबानेन ने फ़ितना कादनियात के सदबाब पर मुहर लगाई और कादियानी फिरका को हुकूमती सतह पर काफिर व मूरतद (गैर मुस्लिम) का कानून पास करवाया। ऐसे में आज हम इसी मिशन को आम करने के लिए उम्मत ए मुस्लिमा के दरमियान ताजदार खत्म नबुवत, तहफ्फुज नामूस ए रिसालत की बेदारी मुहिम मुल्क के गोशे-गोशे में चला रहे है। इस ताल्लुक से हमने जीतने मकामात का दौरा किया। आशिकाने रसूल (ﷺ) में इस हवाले से जबर्दस्त बेदारी पाई गई। हम मुल्क के मुसलमानों के शुक्रगुजार है कि वो रज़ा एकेडमी के ऐलान हफ्ता ताजदारे खत्म नबुवत की हमात करते हुए जोश-खरोश दिखाया।

इस मौके पर मौलाना सय्यद मुहम्मद हाशमी रजवी ने कहा कि हम अल्हाज मुहम्मद सईद नुरी साहब को इस बेदारी मुहिम पर मुबारकबाद पेश करते है और इन्हे यकीन दिलाना चाहते है कि आप जो अहले सुन्नत का पैगाम लेकर लोगों के दरमियान जा रहे है। मुंबई आजमा के नहीं बल्कि मुल्क का हर मुसलमान आपके साथ खड़ा है। उन्होने कहा कि तकरीबन एक सदी से मुंबई आज़मा में रज़ा जामा मस्जिद फूल गली से हमारे दादा हजरत सैयद अबुल हाशिम और वालिद माजीद सिराज मिल्लत से जो पैगाम उन को अपने अकारीबिन से मिला है। इसी पैगाम को आम करते रहेंगे। क्योंकि यही पैगाम हमे सहाबा, ताबाईन और काबारीन इस्लाम से मिला है। हर दरुद में इसी की तरजुमानी उलेमा ए अहले सुन्नत करते आए है और करते रहेंगे।

रज़ा एकेडमी के तर्जुमान मौलाना अब्बास रजवी ने कहा कि रज़ा एकेडमी ने 1 सितंबर से 7 सितंबर हफ्ता ताजदारे खत्म नबुवत मनाने का ऐलान किया था। अल्हमदुलिल्लाह मुल्क भर में आशिकान ए मुस्तफा, जाने रहमत ने हफ्ता ताजदार खत्म नबुवत खूब धूमधाम से मनाया। कांफ्रेंस में शामिल हुए मौलाना जफरुद्दीन रज़वी ने कहा कि पूरी दुनिया का मुसलमान अल्लाह और उसके रसूल के फरमान पर अमल करता है और करता रहेगा। नबुवत के झूठे दावेदारों को मुंह तोड़ जवाब दिया है और देता रहेगा। कांफ्रेस में दीगर मौलाना अमानउल्लाह रज़ा और मौलाना खलीलउररहमान नूरी ने भी खिताब किया।

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