समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और यूपी के कैबिनेट मंत्री आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक मामले में वारंट जारी किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आजम खान के खिलाफ ये वारंट जल निगम की ओर से 2013 में दायर एक सर्विस याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया है. मामले में अगली सुनवाई 6 मार्च को होगी.

हाईकोर्ट ने अदालत में आज़म ख़ान की पेशी सुनिश्चित करने के लिए यह वारंट जारी किया है. हालांकि यह वारंट ज़मानती है. जल निगम की ओर से 2013 में एक सर्विस याचिका दाखिल की गई थी. यूपी पब्लिक सर्विस ट्रिब्यूनल ने असिस्टेंट इंजीनियर डीके सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को खारिज कर दिया था. उनके खिलाफ जल निगम ने वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई शुरू की थी.

ट्रिब्युनल ने अपने आदेश में कहा था कि डीके सिंह के खिलाफ तैयार आरोप पत्र को सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है. ट्रिब्युनल के आदेश को हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान दस्तावेजों में शुरुआती हेराफेरी को देखते हुए कहा कि यह  फर्जी और कूटरचित दस्तावेज बाद में तैयार किया गया हैं. साथ ही कहा हम प्रथम दृष्टया मानते हैं कि दस्तावेज को बाद में तैयार कर पेश किया गया है.

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इस मामले में जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस आरएन मिश्रा की बेंच ने 17 फरवरी को जल निगम के चेयरमैन आजम खान समेत जल निगम के एमडी और चीफ इंजीनियर पर सख्त टिप्पणी की थी. सुनवाई के दौरान जल निगम के एमडी और चीफ इंजीनियर तो कोर्ट में पेश हुए, लेकिन आज़म ख़ान नहीं पहुंचे थे.

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