वसीम रिजवी

बाबरी मस्जिद की जमीन को राम मंदिर निर्माण के लिए देने में जुटे यूपी में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने इस सबंध में इराक के नजफ स्थित अत्यंत प्रतिष्ठित शिया स्कूल के मुखिया सिस्तानी द्वारा जारी फतवे को भी खारिज कर दिया है।

बता दें कि सिस्तानी ने अपने फतवे में कहा कि मंदिर अथवा किसी अन्य धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए वक्फ की संपत्तियां नहीं दी जी सकतीं। दुनिया भर में शिया मुस्लिमों के बीच सिस्तानी की पहचान एक धार्मिक हस्ती के रूप में मानी जाती है। सिस्तानी ने ये फतवा कानपुर के शिक्षाशास्त्री डॉक्टर मजहर नकवी के एक सवाल के जवाब में दिया।

हालांकि सिस्तानी के फतवे को भी रिजवी ने खारिज करते हुए कहा कि शिया वक्फ बोर्ड भारतीय संविधान के हिसाब से काम करेगा। वह आतंकवादियों के दबाव में नहीं आएगा और न ही किसी फतवे के अनुसार काम करेगा।’ उन्होंने कहा, ‘हम किसी मौलवी की राय से बंधे नहीं हैं। राम मंदिर पर उन्हें गुमराह कर यह फतवा जारी कराया गया है।’

babri masjidwasi

इसी बीच रिजवी के खिलाफ देशभर के सूफी उलमा उतरने जा रहे हैं। खानकाहों के सूफी धर्मगुरुओं ने बोर्ड के खिलाफ सात सितंबर से लखनऊ में अमरण अनशन का ऐलान किया है। इनमें अजमेर शरीफ खानकाहा, सफीपुर खानकाहा, मतपुर खाना और बरेली और अन्य खानकाहों के सज्जादनशीन शामिल होंगे। दरगाह बकाइया में सूफी धर्मगुरुओं की मंगलवार को हुई बैठक में इसकी घोषणा की गई।

दरगाह बकाइयाह सफीपुर के नायब सज्जादा नाशीन शाह हसनैन बकाई ने बताया कि बड़ा इमामबाड़ा और लक्ष्मण मैदान में किसी एक जगह अनशन किया जाएगा। पहला विरोध शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को हटाने और उनके खिलाफ सीबीआई जांच के लिए होगा। उन्होंने वसीम रिजवी पर बड़े पैमाने पर वक्फ संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने और इस्लाम और इंसानियत विरोधी बयानबाजी का आरोप लगाया।

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