मध्यप्रदेश के व्यापम घोटालें ने कई आरोपियों और इसे जुड़े संदिग्धों को मौत के आगोश में लिया था, अब इसी तरह कटनी हवाला कांड में भी एक आरोपी की मौत की खबर हैं.

मंगलवार को हरिद्वार में कोयला व्यापारी संतोष गर्ग को संदिग्ध अवस्था में मृत पाया गया. पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपए का इनाम रखा था. गर्ग ने अपने ही कर्मचारी अमर दहायत के नाम से कंपनी बनाकर एक्सिस बैंक में फर्जी खाता खुलवाया था. इस खाते से करीब आठ साल में 90 करोड़ रु. का ट्रांजेक्शन किया गया.

नोटबंदी के दौरान हवाला कारोबार का खुलासा होने पर पुलिस ने अमर की शिकायत पर संतोष के खिलाफ 22 दिसंबर 2016 को एफआईआर दर्ज की थी. तब से ही संतोष फरार था. कटनी पुलिस के मुताबिक उसकी तलाश में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला था.

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संतोष की गिरफ्तारी से पुलिस को फर्जी फर्मों से हवाला और कोल कारोबारियों द्वारा किए जा रहे फर्जीवाड़े को लेकर कई अहम सुराग हाथ लग सकते थे, लेकिन अब इस संभावना पर पानी फिर सकता है. ताज्जुब की बात यह है कि कटनी पुलिस के पास संतोष गर्ग की मौत की कोई अधिकृत सूचना भी नहीं है.

याद रहें कथित 500 करोड़ के इस घोटालें की एसआईटी जांच में घोटाले के सबसे बड़े सूत्रधार सरावगी बंधुओं के नाम सामने आए थे. 6 जनवरी तक सरावगी के दो नौकर संदीप बर्मन और संजय तिवारी को गिरफ्तार किया गया. सरावगी बंधु की शिवराज कैबिनेट में एक रसूखदार मंत्री से करीबी रिश्ते बताए जाते हैं. और उसका नाम भी हवाला कारोबार में सामने आया है.

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