मध्यप्रदेश के राजनगर में खाप पंचायत द्वारा बहिष्कृत परिवार ने 28 वर्ष तक सामाजिक बहिष्कार झेला. आखिर में इस हिंदू परिवार ने इस्लाम कुबूल कर लिया.

बुंदेलखंड क्षेत्र के राजनगर के रहने वाले विनोद प्रकाश खरे आज इस्लाम अपना कर गुलाम मोहम्मद बन गए. उनके साथ पत्नी वीणा खरे (44) अविवाहित बेटी एकता खरे (23) एवं दो पुत्रों अमन खरे (20) तथा सूरज खरे (17) ने भी इस्लाम धर्म अपना लिया.

उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने की वजह बताते हुए कहा कि इसके लिए हिन्दू समाज व खुद अपने परिवार द्वारा पिछले 28 वर्ष से किए जा रहे सामाजिक बहिष्कार को बड़ा कारण मानता हूं. उन्होंने कहा, हिन्दुओं ने मुझे अंतिम संस्कार में मेरे पिता की अर्थी में कंधा तक नहीं लगाने दिया. बुरे वक्त में मुस्लिम समुदाय ने हमारा साथ दिया, इसलिए हमने इस्लाम स्वीकार करने का फैसला किया.’

उन्होंने बताया, मैंने आज से 28 साल पहले मुस्लिम महिला शाय बानो के साथ शादी की थी और उसका नाम वीणा खरे रखा था. मेरी इस शादी को परिवार, रिश्तेदारों एवं समाज ने मानने से इनकार कर दिया.

राजनगर के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट रवींद्र चौकसे ने भी पुरे परिवार के इस्लाम धर्म अपनाने की पुष्टि की है चौकसे ने कहा, मुझे खरे और उनके परिवार के रूपांतरण के बारे में जानकारी मिली है. खरे ने एक शपथ पत्र देकर इसकी पुष्टि की है कि मुफ्ती साहब ने हमें कलमा पढ़ाकर इस्लाम धर्म में शामिल किया है.

धर्म परिवर्तन के बाद  विनोद प्रकाश खरे को गुलाम मुहम्मद, वीणा खरे को शाहबानो, एकता खरे को फातिमा, अमन खरे को अमान मुहम्मद तथा सूरज खरे को मोहम्मद आफताब के रूप में जाना जायेगा.

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