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जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा ईद ए मिलादुन्नबी की सरकारी छुट्टी को रद्द करने के फैसले का भारत के मुस्लिम छात्रों के सबसे बड़े संगठन मुस्लिम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया ने विरोध किया है. एमएसओ ने मांग की है कि सरकार को जल्द ही ये फैसला वापस लेना चाहिए. साथ ही ईद-ए-मिलादुन्नबी की सरकारी छुट्टी को बहाल करना चाहिए.

एमएसओ के प्रदेश संयोजक हाजी मक्की गैसावत ने कहा कि हजारों सूफी और सुन्नी मुस्लिम सरकारी नौकरियां में है. इसलिए ईद ए मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाने के लिए उनको छुट्टी की जरूरत पड़ती है. राजस्थान महान सूफी संत ख्वाजा ग़रीब नवाज़ (रह.) की सरज़मी है. यहां के ख़ून में हिन्दू मुस्लिम एकता ख्वाजा गरीब नवाज के जमाने से रची बसी है. राजस्थान के साथ-साथ पूरे देश के हिन्दू भाई भी ईद-बकरीद से लेकर ईद-ए-मिलादुन्नबी के जश्न में शामिल रहते हैं. इसलिए सरकार को चाहिए कि हिन्दू मुस्लिम को एकसाथ ईद-ए-मिलादुन्नबी मनाने के लिए त्यौहार के दिन रद्द की गई छुट्टी को फिर बहाल करना चाहिए.

वहीं एमएसओ के ज़िला अध्यक्ष मोहसिन खान ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी में ना सिर्फ मुस्लिम बल्कि बड़ी तादाद में हिन्दू भाई भी शामिल रहते हैं. देश की परंपरा रही है कि यहां सभी धर्मों के लोग एकसाथ मिलकर त्यौहार मनाते हैं. इसलिए हिन्दू-मुस्लिम के बीच फर्क ना पैदा करते हुए सरकार को चाहिए तत्काल रद्द की गई छुट्टी को बहाल करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार अगर अपने फैसले वापस नहीं लेती है तो फिर राजस्थान हिन्दू हो या मुस्लिम इस फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेगा.

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ध्यान रहे 4 दिसंबर को राज्य के वित्त मंत्रालय की और से जारी अधिसूचना में ईद मिलादुन्नबी (सल्ल.) की छुट्टी नहीं दी गई है. हालंकि इस आदेश में ईदुल फ़ित्र, ईदुल अजहा और मुहर्रम को शामिल किया गया है.

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