राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत के संदर्भ में कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने हक और इमान की राह पर चलते हुए शहादत हासिल की है.

उन्होंने मोहर्रम की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा कि मोहर्रम माह से इस्लामिक नए साल की शुरुआत होती है और यह महीना हमें मैदान-ए-कर्बला में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद दिलाता है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

वसुंधरा  ने कहा कि हक और इमान की राह पर चलते हुए दी गई हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत से हमें सीख मिलती है कि जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं व्यक्ति हक की राह पर चले और बातिल के सामने नहीं झुके.

राजस्थान की मुख्यमंत्री ने कहा कि मुहर्रम के इस मुबारक महीने में हम सभी प्रदेशवासी संकल्प लें कि अपने मुल्क की आन-बान-शान की हिफाजत के लिए हम हर तरह का बलिदान देने को तत्पर रहेंगे.

गौरतलब रहें कि इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद (सल्ल.) के नवासे हजरत इमाम हुसैन 10 मुहर्रम को इराक के कर्बला के मैदान में अपने 72 साथियों के साथ शहीद हो गए थे.

Loading...