प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थित बनारस विश्व हिन्दू विश्विद्यालय में छेड़खानी को लेकर छात्राओं के आंदोलन पर लाठीचार्ज के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने कुलपति प्रो. जी. सी. त्रिपाठी को जिम्मेदार माना है.

दरअसल, छेड़खानी के खिलाफ BHU कैंपस में आंदोलन कर रही छात्राओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. जिसमे कई छात्राएं घायल हुई थी. इस घटना के बाद बाद 2 अक्टूबर तक यूनिवर्सिटी को बंद करना पड़ा था. महिला आयोग ने इस लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस बारें में कहा कि  कुलपति की संवादहीनता के चलते इतनी बड़ी घटना हुई. उन्होंने अपना दायित्व निभाने की बजाए उन्होंने कैंपस में फोर्स बुलवाई और पुरुष पुलिसकर्मियों ने छात्राओं पर लाठीचार्ज किया.

उन्होंने कहा, सुरक्षा की मांग को लेकर 40 घंटे तक धरना देने वाली छात्राओं के बीच जाने और बातचीत कर उनकी समस्या जानने का कुलपति ने प्रयास नहीं किया. साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन के कहने पर भी वे छात्राओं से बात नहीं की.

शर्मा ने बताया कि जांच में पता चला है कि छात्राओं के आंदोलन में बाहरी लोगों के साथ वे लड़के भी शामिल हो गए थे, जो कैंपस में पहले हुई छेड़खानी की घटनाओं में शामिल रहे थे. महौल बिगाड़ने में इनकी भूमिका भी रही है. उन्होंने बताया कि आयोग एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंप देगा.