उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर इलाके में एक लड़की की गुमशुदगी के मामले में हिरासत में लिए गए 16 वर्षीय मुस्लिम युवक की मौत हो गई हैं. परिजनों के आरोप हैं कि युवक की मौत पुलिस हिरासत में पिटाई से हुई हैं. वहीँ पुलिस का कहना हैं कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की हैं.

एक लड़की की गुमशुदगी के मामले में 16 वर्षीय जियाउददीन को टोराताल पुलिस चौकी ने 26 फरवरी को हिरासत में लिया था. पुलिस का कहना हैं कि जियाउददीन ने बीती देर रात पुलिस चौकी में ही पर फांसी लगा ली. पुलिस उसे सरकारी अस्पताल ले गई, जहां डाक्टरों ने उसे मृत लाया गया घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिसकर्मी अस्पताल में ही शव छोड़ कर भाग गए.

जियाउददीन की मौत की खबर मिलते ही परिजन मौके पर जा पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से किशोर की मौत हुई है. उन्होंने अस्पताल और पुलिस चौकी में जमकर हंगामा किया.  जियाउददीन के पिता मोहम्मद यामीन ने एक दरोगा, मुंशी, पांच अज्ञात पुलिस कर्मियों और दो अन्य लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी हैं.

तहरीर में कहा गया है कि कटोराताल चौकी के इंचार्ज प्रवीण सिंह रावत और पुलिस कर्मी बलवंत सिंह ने 26 फरवरी को मोबाइल से फोन करके उसके पुत्र को बुलाया था. उनका आरोप है कि बाद में पांच अन्य पुलिस कर्मियों ने उनके पुत्र जियाउदीन को बुरी तरह पीटा. जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई.

इस संबंध में काशीपुर के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि एक किशोर को पूछताछ के लिए कटोराताल पुलिस चौकी लाया गया था, लेकिन उसके फांसी लगाने के पीछे के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. एएसपी ने बताया कि फिलहाल लापरवाही बरतने के आरोप में कटोराताल पुलिस चौकी में तैनात चौकी इंचार्ज सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

कुमांउ के पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय रौतेला के अनुसार किशोर की संदिग्ध मौत के मामले की जांच नैनीताल पुलिस से कराई जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें