गौरक्षा के नाम पर देश भर मे हो रही हत्याओं के बीच उत्तराखंड बीजेपी सरकार ने गोरक्षकों को लेकर सरकार ने नए नीयम जारी किए हैं। जिसके तहत गोरक्षकों को पहचान पत्र जारी किए जाएँगे और ये आधार से लिंक होगे।

इसके अलावा सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश के सभी 13 जिलों में जानवरों की सुरक्षा और कल्याण के लिए समिति बनाई जाएगी। इस समिति के मुखिया डीएम होंगे। इसके साथ ही इसमें एसएसपी और सीडीओ भी शामिल होंगे।

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उत्तराखंड गोसेवा आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र रावत ने कहा कि ‘गोवंश संरक्षण समिति’ बनाने का फैसला इसी हफ्ते हुई आयोग की बैठक में लिया गया है। यह समिति बनाने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि प्रदेश पुलिस ने गाय की तस्करी और मारने पर रोक लगाई है। नरेंद्र रावत ने बताया, ‘समिति चाहती है कि गायों को देखरेख अच्छे से हो और वे सड़कों पर भूखी न मरें।’

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रावत ने बताया, ‘हम लोगों के पास पुलिस के अधीन दो गोवंश संरक्षण दस्ते हैं। एक दस्ता कुमाऊं और दूसरा गढ़वाल में है लेकिन उन लोगों के पास जानवर की सलामती की जिम्मेदारी नहीं होती है। वे लोग अवैध जानवरों के काटे जाने और गायों की तस्करी को रोकने में ही व्यस्त रहते हैं। अब हम लोगों ने फैसला लिया है कि समिति गायों की देखभाल और सलामती की जिम्मेदारी उठाएगी।’

आयोग ने कहा कि गोरक्षकों के लिए अगले पंद्रह दिनों में पहचान पत्र बनाए जाएंगे। गोरक्षकों को आईडी कार्ड्स दिए जाने का फैसला पिछले साल लिया गया था लेकिन अब इसी अगले पंद्रह दिनों में लागू कर दिया जाएगा।

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