Tuesday, January 25, 2022

इंटरनेट का इस्तेमाल भी एक मौलिक अधिकार: केरल हाईकोर्ट

- Advertisement -

अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कश्मीर घाटी में केंद्र सरकार ने इंटरनेट सेवा को बंद किया हुआ है। इसी बीच केरल हाई कोर्ट ने गुरुवारको इंटरनेट के इस्तेमाल को ‘मौलिक अधिकार’ करार दिया।

अपने एतिहासिक फैसले में कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट का इस्तेमाल संविधान के तहत दिए गए शिक्षा के अधिकार और निजता के अधिकार का ही भाग है। साथ ही कोर्ट ने ये भी माना कि छात्र जीवन में इंटरनेट का इस्तेमाल जरूरी है क्योंकि छात्र कई जरूरी जानकारियां इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर हासिल करते हैं।

यह फैसला जस्टिस पी वी आशा की अगुवाई वाली एकल पीठ ने उस याचिका पर सुनाया जिसमें एक छात्रा ने गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को अनुचित ठहराया था। याचिकाकर्ता कोझिकोड के चेलानुर स्थित श्री नारायण कॉलेज की फाहिमा शिरिन हैं।

बी.ए इंग्लिश थर्ड सेमेस्टर की छात्रा फाहिमा ने मोबाइल के इस्तेमाल पर कॉलेज हॉस्टल से निष्कासित होने पर यह याचिका दायर की थी। हॉस्टल के नियमों के मुताबिक छात्रों के शाम 6 बजे से रात  10 बजे तक मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।

याचिकाकर्ता ने इस रोक के खिलाफ अन्य छात्राओं के साथ विरोध प्रदर्शन भी किया था। फाहिमा का कहना है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है क्योंकि इंटरनेट के जरिए भी कई जानकारियां हासिल होती हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि ये प्रतिबंध सिर्फ गर्ल्स हॉस्टल में हैं जबकि बॉयज हॉस्टल में किसी तरह का प्रतिबंध नहीं। उन्होंने इसे लैंगिक भेदभाव करार दिया।

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles