अजमेर। सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का 804वां उर्स औपचारिक रूप से सोमवार को झंडे की रस्म के साथ शुरू हो जाएगा। उर्स की विधिवत शुरुआत 8 या 9 अप्रेल को रजब का चांद दिखाई देने पर होगी।

भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी का परिवार शाम को दरगाह स्थित बुलंद दरवाजे पर उर्स का झंडा फहराएगा। गौरी परिवार के सदस्य झंडा लेकर भीलवाड़ा से यहां आ गए हैं। झंडे का जुलूस असर की नमाज के बाद गरीब नवाज गेस्ट हाउस से रवाना होगा।

इसमें कव्वालियों और बैंड बाजे के साथ झंडा लेकर अकीदतमंद चलेंगे। जुलूस लंगरखाना गली, निजाम गेट होते हुए दरगाह में प्रवेश करेगा। इस दौरान झण्डा चूमने की जबरदस्त होड़ मचती है। सैयद अबरार अहमद की सदारत में लाल मोहम्मद के पोते फखरूद्दीन गौरी बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाएंगे।

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बदलेगा खिदमत का वक्त

ख्वाजा साहब की दरगाह में सोमवार से खिदमत का वक्त भी बदल जाएगा। अंजुमन सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह ने बताया कि खिदमत का समय फिलहाल दोपहर तीन बजे का है। उर्स के दौरान पांच रजब तक खिदमत रात 8 बजे होगी। इसके बाद फिर से दोपहर में खिदमत होगी। उर्स में आस्ताना दिनभर जियारत के लिए खुला रहेगा। (राजस्थान पत्रिका)

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