अखिलेश यादव मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य राजा भैया की दोबारा से डीएसपी जिया उल हक मर्डर केस में मुसीबते बढ़ सकती हैं. बाहुबली क्षत्रिय नेता व कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर डीएसपी हत्याकांड के एक आरोपी पवन यादव ने राजा भैया परजिया उल हककी हत्या कराने का आरोप लगाया हैं. हालांकि इस मामले में सीबीआई ने उन्हें क्लीन चिट दे दी.

हक की हत्या के आरोप में जेल में बंद पवन ने 5 अगस्त 2014 को उनकी पत्नी परवीन को पत्र लिख कर डीएसपी के कत्ल के लिए पूरी तरह राजा भैया को जिम्मेदार ठहराया है. पवन यादव के पत्र के अनुसार राजा भैया का खास आदमी नन्हें सिंह ने ही डिप्टी एसपीजिया उल हकको गोली मारी थी.

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पवन यादव ने पत्र में साफ लिखा है कि डीएसपी हत्याकांड की जांच करने आयी सीबीआई ने गंभीरता से प्रकरण की जांच नहीं की है. राजा भैया के खास लोग ही सीबीआई की सेवा में लगे रहते थे. सीबीआई को राजा भैया की तरफ से ही सारी सुविधा मिलती थी, यहां तक की सीबीआई के लोगों को दारू और मुर्गा का इंतजाम भी कुंडा विधायक के लोग ही करते थे.

पवन यादव के पत्र के अनुसार डिप्टी एसपी की गोली मार कर हत्या की गयी थी. इसके बाद उन्हें सड़क पर लिटा दिया गया था. सीबीआई ने भी मामले की जांच की थी और रिपोर्ट में कहा गया था कि मारपीट के दौरान डिप्टी एसपी गिर गये थे और फिर उन्हें गोली मारी गयी थी.

इस चिट्टी के सामने आने के बाद डीएसपी की पत्नी परवीन ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर एसआईटी से जांच कराने की मांग की हैं.

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