बसपा विधायक मुख्तार अंसारी की दो मंजिला इमारत को किया गया जमीदोंज

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने गुरुवार को पूर्वांचल की मऊ सदर विधानसभा सीट से विधायक मुख्तार अंसारी के डालीबाग इलाके में बने अवैध कब्जे को जमींदोज कर दिया। अब प्रशासन बिल्डिंग के तोड़ने का खर्चा, अब तक का किराया भी वसूलेगी। इस निर्माण के लिए जिम्मेदार रहे तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

बताया जा रहा है कि यह बिल्डिंग शत्रु सम्पत्ति पर बनी थी जो मुख्तार ने फर्जी तरीके से अपनी मां के नाम करा ली थी। बाद में उसने अपने दो पुत्रों अब्बास अंसारी व उमर अंसारी के नाम करा दिया था। दोनों बिल्डंग बिना नक्शा के अवैध तरीके से बनाई गई थी। दोनों बिल्डिंग को गिराने के लिए एलडीए की विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास ने 11 अगस्त को ढहाने का आदेश दिया था।

एलडीए वीसी शिवाकांत ओझा का कहना है कि ये शत्रु/निष्करांत संपत्ति थी और जिसका मुकदमा एलडीए में चल रहा था।एलडीए ने बिल्डिंग गिराने से पहले नोटिस भेजा था और स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन किसी प्रकार का स्पष्टीकरण नहीं दिया।  उसके बाद आज एलडीए की ज्वॉइंट सेक्रेट्री ऋतु सुहास और सचिव मंगला प्रसाद, एडीसीपी हजरतगंज तकरीबन 200 पुलिसकर्मियों के साथ तड़के बिल्डिंग गिराने पहुंचे।

इस दौरान एलडीए, पुलिस प्रशासन समेत 200 से अधिक पुलिसकर्मी और 20 से अधिक जेसीबी मौजूद थी, जिसके बाद यह कार्यवाही की जा सकी। इस दौरान मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास व उमर अंसारी की मौके पर पुलिस तथा एलडीए की टीम से झड़प भी हुई।

दूसरी और प्रयागराज में अतीक अहमद की 5 सम्पत्ति को कुर्क कर दिया गया है। लगभग 25 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई। नगर निगम की मदद से दो अन्य संपत्तियों को गुरुवार को सील किया जाएगा। डीएम के निर्देश पर खुल्दाबाद, धूमनगंज और सिविल लाइंस पुलिस ने यह कार्रवाई की।

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