Wednesday, August 4, 2021

 

 

 

एक्सप्रेसवे के लिए मेरठ में 500 साल पुराने कब्रिस्तान के ‘अवैध रूप से’ अधिग्रहण की तैयारी

- Advertisement -
- Advertisement -

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के शफियाबाद लोटी गांव में मुसलमानो को एक बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, प्रशासनिक अधिकारियों ने गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए उनके गांव के लगभग 500 साल पुराने कब्रिस्तान के दक्षिणी हिस्से का अधिग्रहण करने का आदेश जारी किया है।

इस साल जनवरी में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए कब्रिस्तान के एक हिस्से का अधिग्रहण किया जाएगा। उन्होंने 17 जनवरी को हिंदी अखबार दैनिक जागरण में एक सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित किया था।

स्थानीय लोगों ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनजीएआई) के अधिकारियों ने कई महीने पहले कब्रिस्तान का दौरा किया था और एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए इसके दक्षिणी हिस्से (लगभग 65 मीटर अंदर) को “अवैध रूप से” चिह्नित किया था।

अपने पूर्वजों की कब्रों को लेकर वे इस अधिग्रहण का विरोध कर रहे है। एक स्थानीय निवासी लियाकत अली ने कहा, “हमारे पूर्वजों की हड्डियों को बुलडोजर करते हुए देखना दर्दनाक होगा।” एक अन्य निवासी नौशाद चौधरी ने कहा कि उक्त कब्रिस्तान एक वक्त की संपत्ति है। यह यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड के साथ सीरियल नंबर 650 पर पंजीकृत है।

इस प्रकार, भूमि का अधिग्रहण अवैध होगा क्योंकि वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 51 के अनुसार सरकार द्वारा किसी भी वक्फ संपत्ति का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता है।

अधिग्रहण को रोकने के लिए ग्रामीणों नेपिछले कई महीनों से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी और कई स्थानीय अधिकारियों को पत्र भेजे हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय मजिस्ट्रेट के बालाजी के साथ कई बैठकें की हैं। उन्होंने मौखिक रूप से उन्हें आश्वासन दिया है कि कब्रिस्तान क्षतिग्रस्त नहीं होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles