गाजियाबाद में तैयार हुआ यूपी का पहला डिटेंशन सेंटर, पुलिस विभाग के हवाले किया गया

पिछले दिनों यूपी में सीएए और एनआरसी का जमकर विरोध देखा गया। बावजूद प्रदेश का पहला डिटेंशन सेंटर बनकर तैयार हो गया है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के नंदग्राम में उत्तर प्रदेश का पहला डिटेंशन सेंटर बनकर तैयार हो गया है।  इस डिटेंशन सेंटर में 100 लोगों को एक साथ रखने की व्यवस्था की गई है।

आगामी अक्टूबर माह में इसका उद्घाटन किए जाने की संभावना बतायी जा रही है। यह देश का 12वां डिटेंशन सेंटर है।  माना जा रहा है कि यूपी में अवैध रुप से रहने वाले विदेशियों को यहां रखा जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय कुमार व्यास ने बताया कि यह डिटेंशन सेंटर ओपन जेल की तरह होगा। यहां सिर्फ विदेशियों को ही रखा जाएगा।

उन्होने बताया, सेंटर में एक कैदी को सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी। सेंटर का काम पूरा हो गया है। यह पुलिस विभाग को हस्तांतरित भी कर दिया गया है। अक्टूबर से इसकी शुरुआत हो सकती है। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मार्च  में तत्कालीन एसपी सिटी मनीष मिश्र ने सेंटर का निरीक्षण किया था।

डिटेंशन सेंटर एक तरह की जेल होता है। फॉरेनर्स एक्ट, पासपोर्ट एक्ट का उल्लंघन करने वाले दूसरे देशों से आए नागरिकों को रखा जाता है। प्रत्यर्पण न होने तक विदेशी नागरिकों को यहीं रखा जाता है। वर्तमान में देश में 11 डिटेंशन सेंटर हैं।

सम में सर्वाधिक छह डिटेंशन सेंटर और दिल्ली, गोवा के म्हापसा, राजस्थान के अलवर जेल, पंजाब के अमृतसर जेल, बेंगलुरु के पास सोंडेकोप्पा में डिटेंशन सेंटर हैं। असम में डिटेंशन सेंटर साल 2009 में कांग्रेस सरकार ने निर्माण का फैसला लिया था। देश का सबसे बड़ा डिटेंशन सेंटर असम में गोवालपारा के मातिया में बनाया जा रहा है। जहां तीन हजार अवैध प्रवासियों को एक साथ रखा जा सकता है।

विज्ञापन