उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल काॅलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिसमे वह मुस्लिमों के खिलाफ इस्लामोंफोबिक टिप्पणी कर रही है। इसमें प्राचार्य कोरोना को लेकर जमातियों पर अभद्र टिप्पणी कर रही हैं।

पूर्व सांसद और भाकपा (एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने विडियो को शेयर करते हुए कहा कि प्राचार्य असंवैधानिक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को जो अस्पताल लाए गए थे, उन्हें आतंकवादी बता रही हैं। उन्हें सरकारी मदद से वंचित रखने और उनका इलाज नहीं होना चाहिए की बात कर रही हैं। पूर्व सांसद ने जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। वीडियो सही पाए जाने पर प्राचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई।

इसके अलावा यह वीडियो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी विभिन्न व्हाट्स ग्रुप में वायरल हो रहा है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी का कहना है कि ब्लैकमेल के जरिये वसूली करने के लिए इसमें जमाती जैसे शब्द सुपरइम्पोज किए गए हैं। वह सोमवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाएंगी। वह बोलीं कि यह स्टिंग उनके घर में किया गया है जब जमातियों के मेडिकल स्टाफ को परेशान करने पर वह शिकायत दर्ज करा रही थीं।

लालचंदानी ने कहा कि प्रधान सचिव (चिकित्सा शिक्षा) रजनीश दुबे ने उनसे शनिवार रात वीडियो के बारे में बात की थी। कानपुर नगर के जिला मजिस्ट्रेट भ्राम देव तिवारी ने कहा कि उन्हें रविवार शाम को ही कुछ पत्रकारों के माध्यम से वीडियो के बारे में पता चला, और यह निश्चित नहीं था कि वह इस मामले के बारे में क्या कर सकते हैं।

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