उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रघुराज सिंह ने मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले बुर्के पर विवादित टिप्पणी की है। जिसको लेकर अब उनकी तीखी आलोचना हो रही है। इसी बीच भाजपा ने उन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किया है ।

दरअसल, आगरा में शाहजमाल इलाके में महिलाओं द्वारा सीएए के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में उन्होने कहा कि भारत में बुर्का पर बैन लगे। उनका तर्क है कि दैत्यों के वंशज बुर्का पहनते हैं।

मंत्री ने आगे कहा कि बुर्का पहनना अरब देशों में शुरू हुआ और यह भारतीय रिवाज नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत को इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के बाद श्रीलंका ने भी इस पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे।

रघुराज सिंह ने कहा कि बुर्के पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, क्योंकि बुर्के के वेश में आतंकवादी हमारे देश में घुस जाते हैं। इसका इस्तेमाल आतंकवादी करते हैं। जब सब खुले में रहेंगे तो पहचानने में आसानी होगी कि कौन आतंकी है और कौन नहीं। लिहाजा इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए।

उन्होंने त्रेता युग का उदाहारण देते हुए कहा कि लक्ष्मण जी ने शूर्पणखा के नाक व कान काटे थे तो उन्होंने अपने चेहरे को ढक लिया था। भारत में बुर्का को बैन करने की सरकार से मांग की है और कहा कि लक्ष्मण जी ने जब रावण की बहन शूर्पणखा के कान और नाक काटे तो उन्होंने बुर्का पहनना शुरू कर दिया। जिससे उनका चेहरा ढका रहे। मुस्लिम महिलाएं बुर्का पहनती हैं, क्योंकि वह दैत्यों के वंशज हैं।

बीजेपी नेता ने कहा, दैत्यों के वंशज ही बुर्का पहन सकते हैं, आम आदमी बुर्का नहीं पहनेगा। केवल राक्षसों के वंशज ही बुर्का पहन सकते हैं। कोई भी सामान्य व्यक्ति बुर्का नहीं पहन सकता। हमें इसको लेकर काफी एकजुट होना होगा। रघुराज के बयान से सियासी घमासान मचना शुरू हो गया है। बसपा, सपा समेत सभी विरोधी पार्टियों के नेता इसका विरोध कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि रघुराज सिंह के बयान पर इससे पहले भी विवाद हो चुका है। रघुराज सिंह ने अपने एक बयान में पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारे लगाने वालों को जिंदा दफनाने की धमकी दे डाली थी। जिस पर काफी हंगामा हुआ था।

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