लखनऊ:  उन्नाव में दरिंदगी का शिकार हुई पीड़िता का परिजनो ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया है। परिवार ने अंतिम संस्कार करने से पहले ने मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Aadityanath) से मिलने की मांग रखी है।

परिजनों का कहना है कि जब तक सीएम गांव में नहीं आएंगे, पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इससे पहले योगी सरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये के मुआवजे का चेक सौंपा था। इस बीच रेप विक्टिम की बहन ने सरकारी नौकरी की मांग की है। पीड़िता की बहन ने कहा, ‘मैं मांग करती हूं कि मुझे सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।’

बता दें, 23 वर्षीय पीड़िता को गुरुवार तड़के बलात्कार के दो आरोपियों सहित पांच लोगों ने जला दिया था। करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी युवती को एयर एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था और यहां सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान शुक्रवार देर रात उसने दम तोड़ दिया था।

वहीं उन्नाव गैंगरेप कांड को लेकर विपक्ष का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन जारी है। विपक्ष ने यूपी में योगी सरकार की घेराबंदी की है और जल्द इंसाफ की मांग उठाई है। उन्नाव मामले में शनिवार को धरना दे रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई की गई।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। परिवार से मिलने के बाद प्रियंका ने कहा, ‘यहां महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है।’ वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि अपराधियों को ठोक दिया जाएगा। यानी दोषियों को गोली मार दी जाएगी… लेकिन वे बेटी को नहीं बचा सके।

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