चेन्नई: तमिलनाडु विधासनभा में भारी हंगामे के बीच मुख्यमंत्री इडाप्पडी के. पलानीस्वामी ने ने 122 वोटों के साथ विश्वासमत जीत लिया है. पलानीस्वामी ने ध्वनिमत से विश्वास मत पर हुए मतदान में जीत हासिल की. यह वोटिंग डीएमके विधायकों को बाहर ले जाए जाने के बाद हुई है.

पलानीस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए 117 विधायकों के समर्थन की जरुरत थी. बता दें कि पलानीस्वामी खेमे को 124 विधायकों का समर्थन प्राप्त था, लेकिन अन्तिम समय में विधायक आर. नटराज के पाला बदल लिया. फिर भी पलानीस्वामी 122 सदस्यों का समर्थन प्राप्त कर बहुमत साबित करने में सफल रहे.

शशिकला के वफादार माने जाने वाले पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का वक्त दिया था. द्रमुक विधायकों की ओर से हमले के आरोप लगाए जाने और हंगामे के कारण सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा. बाद में फिर कार्यवाही शुरू होने पर विधायकों ने मतदान किया.

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विधानसभा के स्पीकर पी धनपाल और नेता प्रतिपक्ष एम के स्टालिन ने कहा कि सदन में हंगामे के दौरान उनकी कमीजें फाड़ दी गईं. विधायकों ने सदन में कुर्सियां तोड़ी और पेपर फाड़े. विधानसभा में चल रहे हंगामे के कारण दो बार विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. पहले कार्यवाही 1 बजे तक के लिए स्थगित की गई। हंगामा ना रुकते देख विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोबारा से 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो स्पीकर धनपाल ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि उन्हें उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. सुरक्षा व्यवस्था के लिए विधानसभा के बाहर 2000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. विधानसभा में भारी हंगामे के दौरान एक अधिकारी घायल हो गया जिसे अस्पताल ले जाया गया.

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