देश में बढ़ रही असहिष्णुता पर अब अदालत ने भी चिंता जाहिर की है. मारपीट के एक मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली के एक अदालत ने कहा कि बढ़ती असहिष्णुता पर रोक लगाने की जरुरत है.

इस मामले में अदालत ने एक सरकारी कर्मचारी समेत चार दोषियों को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. ये सभी बीजेपी सांसद रमेश विधुड़ी के कार्यकर्ता है. जिन्होंने बीजेपी का विरोध करने पर पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति की पर तलवारों के साथ हमला किया था.

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अदालत ने कहा कि ‘यह मामला इस शहर में रहने वालों के बीच बढ़ती असहिष्णुता का स्पष्ट उदाहरण है. अपनी कथित राजनीतिक विचारधारा से जुड़े छोटे से मुद्दे पर भी लोग अपने पड़ोसियों तक पर हमले से नहीं हिचकते भले ही इसमें दूसरे पक्ष की जान ही चली जाए. उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश कुमार शर्मा ने कहा, भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक व्यक्ति किसी भी राजनीतिक विचारधारा को मानने के लिये स्वतंत्र है, लेकिन इससे उसे यह अधिकार नहीं मिल जाता कि वह दूसरों को भी अपनी मान्यता के सामने झुकने के लिए मजबूर करे.

4 अगस्त 2007 को को इस हत्याकांड में अदालत ने दोषी विजय कुमार, ऋषि पाल, अशोक और सतबीर को तीन साल की कैद की सजा सुनाई है.

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