‘यूपी का गोद लिया बेटा’ वाले बयान पर उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोटिस जारी कर 7 दिनों में जवाब देने को कहा हैं. आयोग ने पीएम मोदी से पूछा है कि यूपी में आपको किसने गोद लिया? आयोग ने यह भी कहा है कि यदि मोदी जवाब ना दे पाएं तो यूपी के लोगों से माफी मांगें.

ये नोटिस उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य नाहिद लारी खान ने शुक्रवार को जारी किया है. जिसमे उन्होंने कहा कि पीएम के बयान में गरीब और अनाथ बच्चों का मजाक बनाया गया हैं. आयोग ने इस संबंध में 7 दिनों के अंदर जवाब मांगते हुए गोद लेने से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराने के लिए कहा है .

नोटिस में साफ लिखा गया है कि संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न करा पाने की स्थिति में पीएम मोदी को उन बच्चों से क्षमा मांगनी चाहिए जो गोद लिए जाने की कानूनी प्रक्रिया में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. आयोग ने नोटिस की प्रति देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी को भी भेजी है.

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प्रधानमंत्री ने गुरुवार को हरदोई में एक रैली के दौरान कहा था, ‘कृष्ण यूपी में पैदा हुए और गुजरात में कर्मभूमि बनाई. मैं गुजरात में पैदा हुआ और यूपी ने मुझे गोद ले लिया. मैं ऐसा बेटा नहीं हूं कि जो माई-बाप की चिंता नहीं करेगा. गोद लिया हुआ बेटा यूपी की चिंता करेगा.’

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