गौमांस और गौरक्षा को लेकर देश में छिड़ी बहस में अब अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी कूद गए है. उन्होंने केंद्र सरकार के बूचड़खानों के लिए पुश बिक्री पर रोक लगाने संबंधि नोटिफिकेशन का विरोध करते हुए कहा कि केंद्र को वध के लिए पशुओं की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगाने वाले नोटिफिकेशन पर फिर से विचार करना चाहिए.

वहीँ बीफ को लेकर पेमा खांडू ने कहा कि  वह खुद भी बीफ खाते हैं और ऐसा करने में कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता वैंकेया नायडू के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार इस मामले में काफी संवेदनशील है.

खांडू ने कहा कि वैंकेया नायडू ने कहा है कि वह अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस बारे में बात करेंगे और पशु बिक्री पर लगी रोक पर फिर से विचार किया जाएगा. खांडू ने कहा, “सिर्फ अरुणाचल प्रदेश ही नहीं, पूरा नॉर्थईस्ट ही आदिवासी बहुल क्षेत्र है जहां अधिकतर लोग नॉन-वेज खाते हैं.

गौरतलब रहें कि 26 मई को जारी किए गए केंद्र सरकार ने एक नए नोटिफिकेशन के जरिए काटने के लिए पशु बाजारों में मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया है.

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