दुर्ग: जनता की खून-पसीने की कमाई से भरे गए सरकारी खजाने से मिलने वाले लाखों के अनुदान से तीन-तीन गोशाला चलाने वाले बीजेपी नेता हरीश वर्मा के बारें में बड़ा खुलासा हुआ है.

छत्तीसगढ़ पुलिस ने बताया कि गायों का चर्म और हड्डियों की तस्करी करने के लिए वह गायों को भूखा मारता था. जिसे उसकी दोहरी कमाई थी. वह गोशाला को मिलने वाले लाखों का अनुदान भी गायों को भूखा मारकर हजम कर जाता. फिर मरी हुई गायों का चमडा और हड्डियों को बेच भारी मुनाफा कमाता.

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गोसेवा के इस गोरखधंदे का खुलासा उस वक्त हुआ जब हरीश वर्मा ने गौ सेवा के नाम पर 165 करोड़ रूपये को डकार लिया. साथ ही उसकी गौशाला में 300 गायों की मौत हो गयी. उसने 2015 में मयूरी गोशाला के लिए 22.64 लाख, फूलचंद्रा गोशाला के लिए 2014 में 50 लाख और शगुन गोशाला के लिए 2011 में 93 लाख रुपए लिए थे. किन्तु यह पैसा गायों की सेवा के लिए नहीं लगायाहै.

दुर्ग के आईजी दीपांशू काबरा ने बताया कि गौ सेवा आयोग का आरोप सच है. छ और जानकारियां आनी बाकी है, गायों को कसाई को बेचने की जानकारी कुछ लोगों ने दी है. पुलिस के मुताबिक हरीश वर्मा गायों के मर जाने के बाद उनके चमड़े और हड्डियों का भी व्यापार करता था

हरीश वर्मा जमूल नगर पंचायज क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष हैं. हरीश के खिलाफ गौ सेवा आयोग ने एफआईआर की.

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