विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर शाम के बाद जायरीनों की एंट्री बंद कर दी गई हैं. जायरीनों की आमद पर रोक सुरक्षा का हवाला देकर लगाई गई हैं.

दरगाह नाजिम ने आस्ताना शरीफ मामूल होने के एक घंटे के बाद शाम को जायरीनों को बाहर निकालकर दरगाह बंद करने के आदेश जारी किए हैं. इस आदेश के बाद जायरीनों में गुस्सा हैं.बीती रात को कमेटी के कर्मचारियों  ने दरगाह से अचानक जायरीनों को बाहर कर दिया. यहाँ तक कि शाहजहांनी मस्जिद में इबादत कर रहे लोगों को भी पकड़कर बाहर निकाल दिया गया.

वहीँ देश भर से ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में इबादत की तमन्ना लाए जायरीनों का कहना है कि किसी भी दरगाह या मस्जिद मे इबादत पर पाबंदी नहीं होती, तो फिर कमेटी क्यों उन पर ये पाबंदी लगा रही है. कुछ जायरीनों का कहना था कि दरगाह कमेटी को कोई हक नहीं कि किसी को उसकी इबादत के लिए रोके और ना ही इबादत के लिए किसी की अनुमति की जरूरत है.

वहीँ दूसरी और उन जायरीनों के लिए मुसीबत पैदा हो गई जो लम्बा सफ़र कर के रात में पहुँच कर जियारत करते हैं. ऐसे में सवाल उठाना लाज़मी हैं.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?