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गोरखपुर टेरर फंडिंग मामले में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद रोधी दल (एटीएस) ने संयुक्त अभियान में मास्टरमाइंड रमेश शाह को पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी रमेश के बारे मे बड़ा खुलासा हुआ है।

वह सब्जी विक्रेता था लेकिन साल भर पहले उसने सत्यम मार्ट खोल लिया था। एटीएस को रमेश के बारे में जानकारी पिछले दिनों गोरखपुर से 24 मार्च को गिरफ्तार किए गए छह संदिग्ध आतंकियों से मिली थी।

यूपी एटीएस के मुताबिक रमेश शाह पाकिस्तानी हैण्डलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। रमेश देश में कई लोगों के खातों में रकम जमा करवाता था। उसके बाद खातों से कमीशन काटकर बाकी रकम पाकिस्तानी हैण्डलरों को देता था।

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उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ अदालत के समक्ष पेश किया गया, अदालत ने उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। लखनऊ में एटीएस के प्रवक्ता ने बताया कि रमेश को हाल ही में डेंगू हुआ था इसलिए उसकी फिटनेस रिपोर्ट मिलने के बाद ही उसे रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

बिहार के गोपालगंज के रहने वाले रमेश के पिता हरिशंकर अपनी पत्नी सुशीला के साथ रमेश को लेकर 30 साल पहले यहां आकर बसे थे और मोहद्दीपुर ओवरब्रिज के नीचे चार फाटक पर सब्जी की दुकान लगाने लगे। रमेश भी उसके साथ कारोबार में शामिल हो गया। साल भर पहले ही मेडिकल रोड पर रमेश ने सत्यम मार्ट खोला।

उसके पिता हरिशंकर ने बताया कि रमेश छह मार्च को किसी शादी में गया था और वह तभी से लापता था। उन्होंने बताया कि अक्सर वह कहीं जाता था तो लंबे समय तक टिक जाता था इसलिए हमने लापता होने की रिपोर्ट नहीं लिखाई।

हरिशंकर ने बताया कि रमेश प्रापर्टी का कारोबार भी कर रहा था। अपनी बचत से उसने मार्ट खोला जो अब बंद हो गया है। उसकी मां सुशीला ने बताया कि उन्होंने भी मार्ट खोलने में रमेश की आर्थिक मदद की थी।

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