Thursday, July 29, 2021

 

 

 

तेलंगाना सरकार का एनपीआर को लागू करने से इंकार, सीएए के विरोध में लाएगी प्रस्ताव

- Advertisement -
- Advertisement -

तेलंगाना सरकार वर्तमान में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर काम शुरू नहीं करेगी, और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में विधानसभा में एक प्रस्ताव लाएगी और केंद्र से पुराने प्रारूप में एनपीआर को लागू करने की अपील करेगी।

राज्य सरकार की राय है कि पुराने प्रारूप में एनपीआर नए प्रारूप में उससे बेहतर है और केंद्र के समान अनुरोध करेगा।इससे पहले 16 फरवरी को, राज्य मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार से भारतीय नागरिकता के अनुसार धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करने की अपील की। यह भी अनुरोध किया कि सभी धर्मों को कानून के समक्ष समान माना जाना चाहिए।

राज्य ने केंद्र सरकार से सीएए को निरस्त करने के लिए उपाय करने का अनुरोध किया, जिससे नागरिकता प्रदान करते समय धर्म के आधार पर भेदभाव होगा और इस तरह धर्मनिरपेक्षता को खतरे में डालते हुए संविधान में परिकल्पित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने पहले कहा था कि उनकी सरकार सीएए के विरोध में विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित करेगी। “हम सीएए के खिलाफ हैं। केंद्र को सीएए को वापस लेना होगा। लोगों को विभाजित करके वे क्या हासिल करेंगे? हम इसे लागू नहीं करेंगे… ”

वहीं एनपीआर (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर) के लिए आंकड़े जुटाने की खातिर पूछे जाने वाले सवालों को लेकर विपक्ष के साथ-साथ कुछ सहयोगी दलों की आपत्तियों के बावजूद केंद्र सरकार उन सवालों को फिलहाल हटाने को तैयार नहीं दिख रही है। सरकार जल्द ही इन सवालों पर आपत्ति जताने वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों व अन्य राजनीतिक दलों को नए सिरे से इसके बारे में समझाने की कोशिश करेगी।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस सिलसिले में राजनीतिक नेतृत्व के स्तर पर राज्यों को एक बार फिर समझाने की कोशिश की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्रियों व राजनीतिक दलों की बैठक भी बुलाई जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई किसी सवाल का जवाब नहीं देता है तो उसे भविष्य में भी किसी तरह की हानि नहीं होगी। लेकिन अगर देता है तो सरकार को योजना बनाने में आसानी होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles