मालेगांव: शाने रिसालत में गुस्ताखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए गठित तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत बोर्ड को मालेगांव में 70 से ज्यादा मस्जिदों के इमामों ने अपना समर्थन दिया।

रज़ा एकेडमी प्रमुख अल्हाज सईद नूरी के नेतृत्व में मालेगांव पहुंचे एक प्रतिनिधि मंडल ने शहर के उलेमाओं के साथ बैठक की और तहफ्फुज ए नामूस ए रिसालत बोर्ड के बारे में जानकारी दी। साथ गुस्ताख ए रसूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में साथ मांगा। नूरी साहब ने कहा कि एक मोमिन के लिए नामूस ए रिसालत से बड़ा कोई मसला नही है। सभी अपनी काबिलियत के हिसाब से इस नेक मकसद के लिए खिदमत अंजाम देने के लिए तैयार रहे।

तहरीक दुरूद ओ सलाम के प्रमुख मौलाना अब्बास रज़वी और अब्बास रज़वी की मौजूदगी में बोर्ड की यूनिट का भी गठन किया गया। रज़ा एकेडमी के सेक्रेटरी अल्हाज मोहम्मद आरिफ रज़वी ने हाजी मोहम्मद यूसुफ इलियास, डॉ रईस अहमद रज़वी को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। साथ ही उम्मीद जताई कि वह नामुस ए रिसालत के लिए हर वक्त तैयार रहेंगे।

इस मौके पर आल इंडिया सुन्नी जमीअत ए उलेमा के सेकेट्री अल्हाज यूसुफ इलियास ने तमाम उलेमा अहले सुन्नत की मौजूदगी में अल्हाज सईद नूरी साहब को मुहाफिज ए नामुस ए रिसालत अवार्ड से भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शाने रिसालत में गुस्ताखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है। यह पुरी उम्मत ए मुस्लिमा के जज्बात है। सईद नूरी साहब ने जिस इमामी जोश के साथ तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत के लिए बड़ी मुहिम शुरू की है। उसके लिए हम उनके शुक्रगुजार है।

वहीं डॉ रईस अहमद रज़वी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वकीलो और आईटी एक्सपर्ट की मदद से गुस्ताखों की पहचान और उन्हें सजा दिलाने का जो काम बोर्ड ने किया है। वह बड़ी ही अहमियत का काम है। यकीनी तौर पर इससे गुस्ताखों के हौसले पस्त होंगे।

इस मौके पर मुफ़्ती नईम रज़ा अजहरी, हाफिज अहसान रज़ा, रज़वी सलमान शहजाद, कारी हारून रज़वी, गुलाम फरीद, इमरान रज़वी, मौलाना अब्दुल्लाह रज़वी, इम्तियाज खुर्शीद, मुफ़्ती इरफान रज़ा मिस्बाही, हाजी रफीक अत्तारी, हाफिज शाहिद रज़वी, हाफिज उमर फारूक अशरफी, मौलाना हाफिजुल्लाह बरकाती, मौलाना अकील अहमद रिजवी, नूरुल ऐन साबरी, सूफी रमजान चिश्ती, मुफ्ती इरफान, रहमान सर, इमरान तबानी, हाजी अब्दुल कादिर सेठ आदि मौजूद रहे।